यांडेक्स: यूक्रेन के हमलों से कैसे तबाह हुआ 'रूस का गूगल'? जानिए क्या है यह तकनीक और कैसे करती है काम
रूस में अगर कोई गूगल की तरह सर्च करता है, मैप्स से रास्ता देखता है, टैक्सी बुक करता है या ऑनलाइन पेमेंट करता है, तो कई लोगों के लिए इन कामों को यांडेक्स (Yandex) करता है। रूस की यह टेक कंपनी सर्च इंजन से आगे बढ़कर डिजिटल सेवाओं का एक बड़ा नेटवर्क बन चुकी है, लेकिन यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के बीच कंपनी के डेटा सेंटरों को नुकसान पहुंचने की खबरों ने इस डिजिटल व्यवस्था की कमजोरियों को सामने ला दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, आठ अक्तूबर से यूक्रेन के हमलों में यांडेक्स के कामकाज से जुड़े पांच प्रमुख डेटा सेंटर्स में से तीन को नुकसान पहुंचा। इसके बाद रूस और कुछ पड़ोसी देशों में सर्च, नेविगेशन, ऑनलाइन पेमेंट, टैक्सी और फूड डिलीवरी जैसी सेवाओं में रुकावटों की खबरें सामने आईं। इन व्यवधानों का असर सिर्फ मोबाइल एप इस्तेमाल करने वालों पर नहीं, बल्कि उन ड्राइवर्स और छोटे कारोबारियों पर भी पड़ा, जो रोजी-रोटी के लिए इन सेवाओं पर निर्भर हैं। रूस का गूगल यांडेक्स क्या है यांडेक्स रूस की प्रमुख तकनीक कंपनियों में से एक है। इसे केवल सर्च इंजन कहना इसके पूरे कारोबार को समझने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। कंपनी इंटरनेट सर्च के साथ मैप्स, नेविगेशन, क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), टैक्सी बुकिंग, फूड डिलीवरी और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में काम करती है। इसे एक ऐसे डिजिटल इकोसिस्टम के तौर पर समझा जा सकता है, जिसमें कई रोजाना के काम अलग-अलग एप के बजाय एक ही कंपनी की सेवाओं से पूरे हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति यांडेक्स पर जानकारी खोज सकता है, मैप्स से रास्ता देख सकता है, टैक्सी बुक कर सकता है और यांडेक्स पे जैसी सेवा से भुगतान कर सकता है। इस लिहाज से यांडेक्स की तुलना गूगल से सर्च और मैप्स के लिए, उबर से राइड-हेलिंग के लिए और ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म से फूड डिलीवरी के लिए की जा सकती है। हालांकि, इन कंपनियों के कारोबार और सेवाओं का दायरा एक जैसा नहीं है। कैसे काम करता है यांडेक्स का डिजिटल इकोसिस्टम यांडेक्स की सेवाओं के पीछे कई तरह की तकनीकें काम करती हैं। जैसे यह सर्च इंजन यूजर की क्वेरी के आधार पर जानकारी खोजकर दिखाता है। मैप्स और नेविगेशन लोकेशन डेटा तथा डिजिटल मैप की मदद से रास्ते बताते हैं। टैक्सी बुकिंग प्लेटफॉर्म यात्रियों और ड्राइवरों को जोड़ता है, जबकि पेमेंट सेवाएं डिजिटल लेनदेन में मदद करती हैं। इन सेवाओं को चलाने के लिए सर्वर, स्टोरेज, नेटवर्क, सॉफ्टवेयर और डेटा सेंटर जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है। डेटा सेंटर ऐसी जगहें होती हैं, जहां बड़ी संख्या में कंप्यूटर सर्वर और नेटवर्किंग उपकरण रखे जाते हैं। ये यूजर की रिक्वेस्ट प्रोसेस करने, डेटा उपलब्ध कराने और ऑनलाइन सेवाओं को चलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। जब किसी डेटा सेंटर में बिजली, नेटवर्क, सर्वर या दूसरे जरूरी सिस्टम प्रभावित होते हैं, तो उस पर निर्भर सेवाएं धीमी हो सकती हैं या कुछ समय के लिए बंद पड़ सकती हैं। हालांकि, किसी सेवा पर कितना असर पड़ेगा, यह उसके बैकअप सिस्टम, दूसरे डेटा सेंटरों पर काम बांटने की क्षमता और आपदा से उबरने की व्यवस्था पर भी निर्भर करता है। यूक्रेन के हमलों में यांडेक्स को कितना नुकसान हुआ एक रिपोर्ट के अनुसार, आठ अक्तूबर से हुए हमलों में यांडेक्स के पांच प्रमुख डेटा सेंटर्स में से तीन को नुकसान पहुंचा। रिपोर्ट में इन घटनाओं के बाद कई सेवाओं में रुकावट का जिक्र है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कंपनी को हुए कुल आर्थिक नुकसान, उपकरणों की मरम्मत की लागत या डेटा सेंटर्स की पूरी क्षमता पर पड़े असर का आधिकारिक आंकड़ा नहीं दिया गया है। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि कंपनी का कितना वित्तीय नुकसान हुआ या उसकी कितनी डिजिटल क्षमता स्थायी रूप से नष्ट हुई। डेटा सेंटर को नुकसान पहुंचना और उसमें मौजूद सभी डेटा का नष्ट हो जाना भी अलग-अलग बातें हैं। डेटा की सुरक्षा इस पर निर्भर करती है कि उसकी कितनी प्रतियां सुरक्षित हैं और बैकअप व रिकवरी सिस्टम किस तरह काम करते हैं। यांडेक्स ने बयान में कहा गया है कि ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है और डेटा सेंटरों पर हमलों के बाद कंपनी ऐप सेवाओं को बहाल करने पर काम कर रही है। स्मार्ट बल्ब से लेकर टैक्सी बुकिंग तक, आम लोगों पर क्या असर पड़ा डेटा सेंटर्स में आई रुकावटों का असर रोजाना की जिंदगी में भी महसूस किया गया है। सेंट पीटर्सबर्ग के एंटोन नाम के एक यूजर ने मीडियाकर्मी को बताया कि एक रात घर लौटने पर उनके यांडेक्स से जुड़े स्मार्ट बल्ब काम नहीं कर रहे थे। उन्हें कमरे की लाइट जलाने में परेशानी हुई। यह उदाहरण दिखाता है कि जब स्मार्ट होम डिवाइस इंटरनेट और क्लाउड सेवाओं पर निर्भर होते हैं, तो ऑनलाइन सिस्टम में आई खराबी का असर घर के अंदर भी दिखाई दे सकता है। हालांकि, हर स्मार्ट बल्ब या स्मार्ट होम डिवाइस के लिए इंटरनेट जरूरी नहीं होता। कुछ डिवाइस स्थानीय कंट्रोल से भी चल सकते हैं, जबकि कुछ फीचर्स के लिए क्लाउड कनेक्शन चाहिए होता है। नेविगेशन, ऑनलाइन पेमेंट, सर्च और फूड डिलीवरी जैसी सेवाओं में रुकावट से भी यूजर्स को परेशानी हुई। ऐसी सेवाओं पर निर्भर लोगों के लिए समस्या केवल ऐप का न खुलना नहीं होती, बल्कि रोजमर्रा के कामों में देरी और दूसरे विकल्प तलाशने की जरूरत भी पैदा होती है। यांडेक्स प्रो में दिक्कत से टैक्सी ड्राइवरों की कमाई प्रभावित इतना ही नहीं, मॉस्को के एक टैक्सी ड्राइवर के अनुसार 11 अक्तूबर को यांडेक्स के डेटा सेंटर पर हमले के बाद उन्हें और अन्य ड्राइवरों को यांडेक्स प्रो एप इस्तेमाल करने में दिक्कत हुई। इस एप के जरिए ड्राइवर राइड स्वीकार करते हैं और अपने काम को मैनेज करते हैं। ड्राइवर के अनुसार, शुरुआत में घंटों तक ऑर्डर नहीं आते थे। कुछ मामलों में एक ही राइड के लिए अलग-अलग कारें और ड्राइवर भेजे जा रहे थे। यात्री तक पहुंचने के बाद कुछ ड्राइवरों को पता चलता था कि वह किसी दूसरी टैक्सी से जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि कमाई की रकम निकालने में परेशानी के कारण कार का किराया और ईंधन का खर्च चुकाना मुश्किल हो गया। आखिरकार उन्हें किराए की कार वापस करनी पड़ी। इससे स्पष्ट होता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्भर कारोबार में तकनीकी रुकावट सीधे कमाई और कामकाज को प्रभावित कर सकती है। यांडेक्स पे में पैसे गायब होने की शिकायत इन सबके अलावा एक रिपोर्ट में मॉस्को की एक महिला का भी जिक्र है, जिन्होंने बताया कि उनके यांडेक्स पे अकाउंट में जमा 1.5 मिलियन रूबल गायब दिखाई दिए। रिपोर्ट में इस रकम को उस समय लगभग 17,830 अमेरिकी डॉलर के बराबर बताया गया। महिला ने कहा कि वह कार खरीदने के लिए पैसे बचा रही थीं और अकाउंट में रकम नहीं दिखने पर घबरा गईं। यांडेक्स ने कहा कि ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है और कंपनी सेवाओं को बहाल करने पर काम कर रही है। यहां पर एक जरूरी अंतर समझना चाहिए कि अकाउंट में बैलेंस दिखाई न देना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि पैसा स्थायी रूप से गायब हो गया है। इसकी वजह तकनीकी गड़बड़ी, लेनदेन की स्थिति या दूसरी समस्या भी हो सकती है। इस मामले में महिला की शिकायत और कंपनी का बयान सामने आया है, लेकिन रकम की अंतिम स्थिति के बारे में स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है। रूस की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अहम हैं डेटा सेंटर यूक्रेन के हमलों ने रूस की डिजिटल सेवाओं को चलाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर की अहमियत को उजागर किया है। रूस ने पश्चिमी प्रतिबंधों और कई विदेशी कंपनियों के बाजार से निकलने के बाद घरेलू तकनीक और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दिया है। ऐसे में यांडेक्स जैसे प्लेटफॉर्म कई यूजर्स और कारोबारियों के लिए खास हो गए हैं। लेकिन घरेलू डिजिटल सेवाओं का विकास भी डेटा सेंटर, नेटवर्क, बिजली, हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर जैसे आधारभूत संसाधनों पर निर्भर करता है। अगर किसी बड़े प्लेटफॉर्म का अहम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रभावित होता है, तो उसके असर एक ही सेवा तक सीमित नहीं रह सकते। सर्च, मैप्स, टैक्सी, पेमेंट और डिलीवरी जैसे अलग-अलग कामों में एक साथ व्यवधान आ सकता है। इस तरह डेटा सेंटर केवल तकनीकी उपकरण रखने वाली इमारतें नहीं हैं, बल्कि आधुनिक डिजिटल अर्थव्यवस्था का बुनियादी हिस्सा हैं। इनकी सुरक्षा, बैकअप व्यवस्था और सेवाओं को जल्दी बहाल करने की क्षमता किसी भी बड़े टेक प्लेटफॉर्म के लिए अहम है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 20, 2026, 11:36 IST
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