West Asia: 'हमारी कार्रवाई से और तेज होगा IDF का पतन', सैनिकों की कमी से जूझ रहे इस्राइल को ईरान की खुली धमकी

पश्चिम एशिया में जारी संघर्षदिन-ब-दिन और भयानक होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से क्षेत्र में आग का तूफान है। दूसरी ओरईरान ने भी खाड़ी देशों मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों औरइस्राइल में भयंकर और सटीक हमला करचारों तरफ धुंआ-धुंआ कर रखा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब 30वें दिन में प्रवेश कर चुका हैऔर पूरे क्षेत्र में तनाव और भय का माहौल काबू से बाहर है। इसी बीच अबईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने इस्राइलको कड़ी चेतावनी देते हुए बड़ा बयान दिया है। शनिवार को गालिबाफ ने कहा किइस्राइल के खिलाफ ईरान की जवाबी कार्रवाई उसकी सेना के पतन कोऔर तेज कर देगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया किइस्राइल अपनी सेना की आंतरिक कमजोरियों को छिपाने के लिए तनाव बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान के औद्योगिक ठिकानों पर हमले करके इस्राइल अपने लोगों और सरकार का भरोसा वापस लाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ऐसा करना उसके लिए उल्टा साबित होगा। ये भी पढ़ें:-कुछ बड़ा सोच रहे ट्रंप: ईरान युद्ध में उतरा USS त्रिपोली युद्धपोत, 3500 मरीन के आने से अमेरिकी सैन्य बल मजबूत इस्राइलसेना प्रमुख के बयान का किया जिक्र अपने बयान मेंगालिबाफ ने इस्राइल केसेना के प्रमुखएयाल जमीर के हालिया बयान का जिक्र करते हुए यह भी कहा किईरान की प्रतिक्रिया केवल जवाबी नहीं होगी, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति के तहत होगी, जो इस्राइल की रक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को निशाना बनाएगी। बता दें कि गालिबाफ कायह बयान इस्राइल की सेना के प्रमुख एयाल जमीर की हालिया चेतावनी के बाद आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जमीर ने इस्राइलीसरकार को बताया कि सेना पर भारी दबाव है और अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो इस्राइली सेना अंदर से टूट सकती है। ये भी पढ़ें:-US: अमेरिका में 'नो किंग्स' प्रदर्शन; ट्रंप की नीति, महंगाई और ईरान युद्ध के खिलाफ सड़कों पर उतरे लाखों लोग क्या सेनाओं की कमी से जूझ रहा इस्राइल इतना ही नहीं जारी संघर्ष के बीच इस्राइली सेना प्रमुख नेएयाल जमीर ने सरकार से नए भर्ती कानून, रिजर्व ड्यूटी से जुड़े नियम और अनिवार्य सैन्य सेवा की अवधि बढ़ाने की मांग की है। गौरतलब है कि 2023अक्तूबर के बाद शुरू हुए गाजायुद्ध के कारण इस्राइल की सेना पर लगातार दबाव बढ़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सेना इस समय करीब 12,000 सैनिकों की कमी से जूझ रही है। दूसरी ओरकरीब 80000 अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स युवा सेना में भर्ती के योग्य हैं, लेकिन अब तक शामिल नहीं हुए हैं, जिससे समस्या और बढ़ रही है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि इस्राइल मेंइस समस्या को और गंभीर बना रहा है वहांभर्ती को लेकर चल रहा राजनीतिक विवाद। इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स समुदाय के कई युवाओं को लंबे समय से सेना में छूट मिलती रही है, हालांकि 2024 में अदालत ने इस छूट को अवैध करार दिया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवा अभी भी सेना में शामिल नहीं हुए हैं। कुल मिलाकर, एक तरफ ईरान इस्राइल की सैन्य स्थिति को कमजोर बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस्राइल के अंदर से भी सेना पर बढ़ते दबाव और संसाधनों की कमी की बात सामने आ रही है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ता दिख रहा है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 29, 2026, 03:36 IST
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