Weather: पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, देश के इन राज्यों में सात मई तक गरज-चमक के साथ आंधी-पानी के आसार

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और उससे सटे मध्य भाग में छिटपुट गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने से मौसम का मिजाज खुशनुमा बना हुआ है। हालांकि, हिमाचल प्रदेश के चंबा में ग्लेशियर टूटा है, लेकिन किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से इन क्षेत्रों में 7 मई तक छिटपुट बारिश होने और 40-60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने और बिजली कड़कने की भी संभावना है। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और तेलंगाना में कई जगह ओलावृष्टि हुई। बिहार, मध्य महाराष्ट्र, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल गंगा किनारे वाले मैदान, मिजोरम, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छिटपुट स्थानों पर 50-75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। कोंकण, मराठवाड़ा, अरुणाचल प्रदेश, विदर्भ, असम, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात और बिहार में छिटपुट स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। वहीं, केरल और माहे में छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा (7-20 सेमी) दर्ज की गई है, जबकि असम, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा (7-11 सेमी) दर्ज की गई है। उत्तर भारत : पहाड़ों पर बर्फ मैदानों में आंधी और बारिश जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में दो से छह मई के बीच मौसम सक्रिय रहेगा। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। गरज-चमक के साथ 40–50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश मौसम का मिजाज बदला रहेगा। राजस्थान में दो से छह मई के बीच आंधी और बारिश की संभावना है, जबकि उत्तर प्रदेश में चार से छह मई के बीच बारिश हो सकती है। तेज हवाएं और धूल भरी आंधी भी चल सकती है। हिमाचल में चंबा के कार्थनाला में सड़क बहाली के दौरान पहाड़ी से ग्लेशियर टूट गया। कर्मचारियों ने भागकर जान बचाई। पंजाब में हल्की बारिश और तेज हवाओं के बाद पारा सामान्य से 2.8 डिग्री नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग ने शनिवार से अगले पांच दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी कर दिया है। पूर्वोत्तर भारत : आंधी, बारिश व भूस्खलन बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अगले एक सप्ताह तक मौसम सक्रिय रहेगा। हल्की से मध्यम बारिश के साथ 50 से 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ओडिशा में 2 मई को ओलावृष्टि की संभावना है, जबकि उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तीन मई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय सहित पूरे पूर्वोत्तर में अगले चार से छह दिनों तक व्यापक बारिश की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पश्चिम भारत : कहीं आंधी तो कहीं राहत मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 4 मई को तेज तूफान आ सकता है, जिसमें हवाओं की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। हालांकि विदर्भ में लू का असर बना रहेगा, जिससे यहां मौसम का दोहरा रूप देखने को मिलेगा। राजस्थान 2-6 मई के बीच आंधी और बारिश का अनुमान है, वहीं पश्चिमी राजस्थान में 2-3 मई को लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान तापमान में पहले हल्की बढ़ोतरी और फिर गिरावट देखने को मिल सकती है। दक्षिण भारत में बारिश और बिजली गिरने का खतरा तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में चार मई तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।तटीय क्षेत्रों में उमस भरी गर्मी बनी रहेगी, जिससे लोगों को असहज मौसम का सामना करना पड़ेगा। कहीं ज्यादा दिन लू, तो कहीं बारिश का अनुमान मौसम विभाग के मुताबिक, मई में देश के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक दिन लू चल सकती है, वहीं कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने का अनुमान है। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि हिमालय की तलहटी के कुछ हिस्सों, पूर्वी तटीय राज्यों, गुजरात और महाराष्ट्र में सामान्य से अधिक दिन लू चलने की संभावना है। इस दौरान न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम भारत के कई क्षेत्रों, मध्य भारत के कुछ हिस्सों, प्रायद्वीपीय भारत के आसपास के क्षेत्रों और उत्तर-पूर्वी भारत के दक्षिणी हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्वी, पूर्वोत्तर और पूर्वी मध्य भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के अन्य भागों में इस महीने सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। दक्षिण पश्चिम मानसून 14-16 मई के आसपास अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में पहुंच सकता है। अन्य वीडियो

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 02, 2026, 03:00 IST
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