छह गांवों में जहर बन रहा पानी: आर्सेनिक की आशंका से 12 हजार ग्रामीण सहमे, बीमारियों का दावा; जांच की मांग

UP News:विकास खंड करंडा के कई गांवों में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। धरम्मरपुर ग्राम पंचायत के करकटपुर, बलवंतपुर, कोटिया, सरैया, हंसराजपुर, धरम्मरपुर और टेढ़वा समेत आसपास के गांवों के लोगों ने पानी में आर्सेनिक की अधिक मात्रा होने की आशंका जताते हुए जिलाधिकारी से जांच कराने और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से दूषित पानी के उपयोग के कारण क्षेत्र में त्वचा और पेट संबंधी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि कई गांवों में हैंडपंप और नलों से निकलने वाला पानी कुछ समय बाद पीला पड़ जाता है तथा बर्तनों में रखने पर उसमें परत जमने लगती है। ग्रामीणों के अनुसार करकटपुर में आर्सेनिक की मात्रा 100 पीपीबी से अधिक, बलवंतपुर और कोटिया में 500 पीपीबी तक तथा धरम्मरपुर मुख्य बस्ती में 800 से 1000 पीपीबी तक होने की जानकारी मिली है। हालांकि इन दावों की अभी तक किसी अधिकृत सरकारी जांच रिपोर्ट से पुष्टि नहीं हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार पेयजल में आर्सेनिक की सुरक्षित सीमा 10 पीपीबी निर्धारित है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 25, 2026, 20:26 IST
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