सुबह-ए- बनारस के मंच पर कलाकारों ने दी प्रस्तुति, VIDEO

सुबह-ए- बनारस आनंद कानन की ओर से आयोजित काव्यार्चन की 45वीं कड़ी मंगलवार को अस्सी घाट पर संपादित हुई। काव्यार्चन का सत्र अपने आप में विशेष रहा इस सत्र में नगर के दो स्थापित रचनाकारों के साथ दो उदीयमान रचनाकारों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। काव्यार्चन के इस सत्र की शुरुआत राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्म भूमि बेगूसराय से आई उदीयमान रचनाकार सुश्री प्रज्ञा वत्स ने 'जब जब धरती कांफी है दैंत्यों के अत्याचार से' रचना के माध्यम से आदिशक्ति दुर्गा की कथा और नारी के उत्कर्ष का बखान किया। इस क्रम को नगर के युवा चिकित्सक दिव्यांशु पांडेय ने आगे बढ़ाया। उन्होंने अपनी बेहतरीन गजलों से श्रोताओं को खूब आनंदित किया। उन्होंने अपनी हास्य रचना के माध्यम से भी अपना परिचय। उसकी बानगी कुछ यूं रही 'चेहरा छिपा रहे हैं मोहब्बत के लिए हम, थप्पड़ भी खा रहे हैं मोहब्बत के लिए हम।' इस सत्र में सोनभद्र के युवा शायर कमल नयन त्रिपाठी ने भी अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। इस सत्र के संचालक डॉ. प्रताप शंकर दुबे ने अपनी बेहतरीन गजलों से एक बार फिर श्रोताओं को अपना मुरीद बना लिया। 'सबने अपने गीत गजल में दर्द मोहब्बत प्यास लिखा, मैंने तो अपनी गजलों में गजलों का एहसास लिखा।' इस सत्र में अध्यक्षीय काव्यपाठ नगर की वरिष्ठ कवयित्री बीना त्रिपाठी ने किया। उन्होंने 'कोशिश' शीर्षक की अपनी रचना से सकारात्मक संदेश दिया। इस रचना में उन्होंने स्वप्न और यथार्थ के मध्य विराट अंतर एवं उसके प्रतिफल का विस्तार पूर्वक वर्णन किया।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 25, 2025, 20:40 IST
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