विश्व साइकिल दिवस: परनाला गांव में अनूठी पहल, सरपंच एसोसिएशन के प्रधान ने जरूरतमंदों और छात्रों को बांटी साइकिलें

विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर परनाला गांव में पर्यावरण संरक्षण और जन-स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए एक सराहनीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर सरपंच एसोसिएशन के प्रधान अशोक राठी और परनाला गांव की सरपंच मुकेश अशोक राठी ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए जरूरतमंद ग्रामीणों, कामगारों और स्कूली छात्रों को साइकिलों का वितरण किया। खास बात यह रही कि इस परोपकारी कार्य के लिए किसी सरकारी फंड का नहीं, बल्कि सरपंच मुकेश अशोक राठी के निजी कोष का उपयोग किया गया। इस प्रयास से लाभार्थियों के चेहरों पर मुस्कान छा गई। साइकिल पाकर ग्रामीणों और बच्चों के चेहरे खिल उठे। इस अभियान के तहत समाज के हर वर्ग को शामिल किया गया। सातवीं कक्षा की छात्रा टीना और बारहवीं कक्षा के छात्र अंकित को नई साइकिलें सौंपी गईं, जिससे अब उन्हें स्कूल आने-जाने में आसानी होगी। गांव में प्लंबर का काम करने वाले मनीष कुमार, लोहे का काम करने वाले रामबीर लुहार और सफाई कर्मचारी अनिकेत को साइकिल दी गई ताकि उनका दैनिक सफर सुगम हो सके। गांव के पुजारी शम्भूनाथ पांडे को भी आवागमन के लिए नई साइकिल भेंट की गई।सरपंच एसोसिएशन के प्रधान अशोक राठी ने इस पहल के पीछे की प्रेरणा का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से आपदा और चुनौतीपूर्ण स्थितियों में पेट्रोलियम उत्पादों की बचत करने का आह्वान किया हुआ है। प्रधानमंत्री जी के इसी आह्वान से प्रेरित होकर उन्होंने कम से कम निजी वाहनों का इस्तेमाल करना शुरू किया है । उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें बाहर जाना अनिवार्य होता है वो दो-तीन लोग मिलकर वाहन पूलिंग के जरिए जाते हैं ताकि ईंधन की बचत की जा सके और पर्यावरण को नुकसान न पहुँचे। यह साइकिल वितरण भी इसी दिशा में बढ़ाया गया एक छोटा सा कदम है।अशोक राठी ने ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए बताया कि उनके परिवार के सदस्य भी नियमित रूप से साइकिल चलाते हैं। साइकिल चलाना केवल ईंधन बचाने का जरिया नहीं, बल्कि उत्तम स्वास्थ्य की कुंजी भी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि पास-पड़ोस या कम दूरी के कामों के लिए मोटरसाइकिल की बजाय साइकिल का इस्तेमाल करें। नियमित रूप से साइकिल चलाने से प्रदूषण तो घटता ही है, साथ ही हृदय रोग, मोटापा और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचाव होता है।प्रधान अशोक राठी ने बताया कि परनाला गांव को एक आदर्श गांव बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। पर्यावरण और ग्रामीणों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए गांव में बड़े स्तर पर पेड़-पौधे (पौधारोपण) लगवाए गए हैं। इसके अलावा गांव के तालाब के जीर्णोद्धार के साथ-साथ ग्रामीणों के सुबह-शाम टहलने और सैर करने के लिए एक सुंदर पगडंडी (ट्रैक) का निर्माण भी कराया गया है। कार्यक्रम के अंत में अशोक राठी ने जोर देकर कहा कि ग्राम विकास से ही समाज और देश का विकास जुड़ा हुआ है। यदि देश का हर गांव आत्मनिर्भर, स्वस्थ और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनेगा, तो भारत को एक आत्मनिर्भर और स्वच्छ राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। परनाला गांव की यह पहल यकीनन आस-पास के अन्य गांवों के लिए भी एक प्रेरणा पुंज साबित होगी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 03, 2026, 10:16 IST
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