VIDEO: सरकारी नावों में पेट्रोल का संकट, ग्रामीणों पर निर्भर, रियलिटी चेक में खुली व्यवस्था की पोल

अयोध्या के रुदौली तहसील क्षेत्र में बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए सरकारी नावें तो उपलब्ध करा दी गईं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए ईंधन की व्यवस्था नहीं है। इसका खुलासा अमर उजाला के रियलिटी चेक में हुआ। तहसील क्षेत्र के महंगू पुरवा गांव में ग्रामीणों के आवागमन के लिए तीन सरकारी नावें लगाई गई हैं। अमर उजाला की टीम ने पटरंगा माझा जाने के लिए नाविक से नाव चलाने को कहा तो उसने पेट्रोल नहीं होने की बात कही। इसके बाद टीम को खुद एक लीटर पेट्रोल मंगवाकर नाव से पटरंगा माझा जाना पड़ा। नाविक रामसुध व सर्वेश यादव ने बताया कि तीन माह से नावें यहां लगी हुई हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से पेट्रोल उपलब्ध नहीं कराया जाता। उसका कहना था कि नाव चलाने के लिए पेट्रोल जरूरी है। ईंधन नहीं होने के कारण कई बार नाव चलाना मुश्किल हो जाता है। नाविकों का आरोप है कि बाढ़ के दौरान ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत सामग्री ले जाने के लिए नावों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके बावजूद समय पर पेट्रोल नहीं मिलने से उन्हें दिक्कत होती है। ईंधन के लिए ग्रामीणों से मदद मांगनी पड़ती है या फिर नाविकों को अपनी जेब से पेट्रोल खरीदना पड़ता है। राहत व्यवस्था पर उठे सवाल बाढ़ के समय सरकारी नावें प्रशासन की राहत और बचाव व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। ऐसे में नावों की व्यवस्था किए जाने के बावजूद उनमें पेट्रोल नहीं होना व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है। आपात स्थिति में यदि नाव में ईंधन न हो तो प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने में देरी हो सकती है। अमर उजाला के रियलिटी चेक में सामने आई इस स्थिति के बाद अब सवाल है कि सरकारी नावों के संचालन के लिए ईंधन की व्यवस्था कौन करेगा और तीन माह से तैनात नावों के लिए अब तक पेट्रोल क्यों उपलब्ध नहीं कराया गया।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 17, 2026, 09:02 IST
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