अंबाला: आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति दयनीय, सीलन भरी दीवारें और टूट रहे दरवाजे
छावनी के 12 क्रॉस रोड चार नंबर स्थित सामुदायिक भवन परिसर में चल रहे दो आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति दयनीय है। यहां कभी भी हादसा हो सकता है। छपरबंद मोहल्ला आंगनबाड़ी केंद्र की दीवारें जर्जर दिखीं। केंद्र का उद्घाटन 16 नवंबर 2001 को तत्कालीन केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री सुषमा स्वराज ने किया था। आज उसी उद्घाटन पत्थर के चारों ओर बड़ी-बड़ी झाड़ियां और घास उगी हुई हैं, जहां जहरीले जीवों का डर रहता है। हालात ऐसे हैं कि इन केंद्रों में 40 से 50 बच्चे हुआ करते थे अब 10 से 11 बच्चे ही आ रहे हैं। छपरबंद मोहल्ला आंगनबाड़ी की छत पर सीलन पड़ताल के दौरान यहां दो बच्चे बैट-बॉल खेलते मिले। हेल्पर सावित्री ने बताया कि इंचार्ज मीटिंग में गई हैं। केंद्र के भीतर दीवारों और छतों पर सीलन है और प्लास्टर उखड़कर गिर रहा है। खिड़कियों की प्लाई बरसात के पानी से फूल चुकी है और लोहे की चौखटों को जंग खा गया है। रसोई की हालत और भी खराब है। दरवाजा गल चुका है और कुर्सियां टूटी पड़ी हैं। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता है, जिसके नीचे बैठने को बच्चे मजबूर हैं। चिड़ीमार मोहल्ला आंगनबाड़ी में न इंचार्ज, न बच्चे दूसरे कमरे में चल रही चिड़ीमार मोहल्ला आंगनबाड़ी की स्थिति तो और भी बदतर मिली। यहां न कोई बच्चा था और न ही स्टाफ। बताया गया कि यहां की हेल्पर 6 साल पहले रिटायर हो चुकी हैं। इस केंद्र की रसोई का दरवाजा और चौखट तक गायब है। जर्जर हालत के कारण बच्चों को अंदर बिठाने के बजाय खुले में बैठाया जाता है। हद तो तब हो गई जब पता चला कि पिछले महीने चोर यहां से इन्वर्टर ले गए। मजबूरी में भेज रहे अभिभावक कच्चा बाजार निवासी संगीता ने बताया कि वह अपनी बेटी को आंगनबाड़ी में छोड़ने आई हैं और एक साल से बेटी को छोड़ने आ रही हैं, कमरे में एक साइड में अंदर पंखा तक नहीं है, छत से प्लस्तर गिर रही है। डर लगता है, लेकिन मजबूरी में बच्ची को यहां छोड़ना पड़ता है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 25, 2026, 21:27 IST
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