गाजियाबाद: वेदों का सार युगों-युगों से मानव जाति तक पहुंचता रहा है, श्रीमद्भागवत कथा में बोलीं पद्महस्ता भारती
मुरादनगर के टंकी रोड स्थित केएन इंटर कॉलेज ग्राउंड में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज का आयोजन किया जा रहा है। कथा के प्रथम दिन पर दिव्य गुरु श्री आशुतोष महाराज की शिष्या भागवताचार्या महामनस्विनी साध्वी पद्महस्ता भारती ने श्रीमद्भागवत कथा का महात्म्य बताते हुए कहा कि वेदों का सार युगों-युगों से मानव जाति तक पहुंचता रहा है। श्रीमद्भागवत महापुराण यह उसी सनातन ज्ञान की पयस्विनी है जो वेदों से प्रवाहित होती चली आ रही है। इसीलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। साध्वी ने श्रीमद्भागवत महापुराण की व्याख्या करते हुए बताया कि श्रीमद्भागवत अर्थात जो श्री से युक्त है, श्री अर्थात् चैतन्य, सौन्दर्य, ऐश्वर्य। भगवतः प्रोक्तम् इति भागवत। भाव कि वो वाणी, वो कथा जो हमारे जड़वत जीवन में चैतन्यता का संचार करती है। जो हमारे जीवन को सुन्दर बनाती है वो श्रीमद्भागवत कथा है जो सिर्फ मृत्युलोक में संभव है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Nov 29, 2025, 20:23 IST
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