काशी शब्दोत्सव में विद्यानों ने प्रस्तुत किए अपने विचार

काशी शब्दोत्सव के समापन सत्र में मंगलवार को मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक अनिल ने कहा कि काशी शब्दोत्सव का लक्ष्य भारत की मूल को पुन: स्थापित करना है। षड़यंत्र के तहत धर्म और संस्कृति के स्थान पर रीलिजन जैसे भारत विरोधी शब्द चल रहे हैं। भारत की पहचान मिटाने के लिए इंडिया शब्द चलाया। इस तरह भ्रमवाद को तोड़ने के लिए काशी शब्दोत्सव जैसे समारोह का आयोजन होना चाहिए। हमें शब्दों को सोच समझकर उपयोग करना चाहिए। राष्ट्रधर्म के निदेशक मनोजकांत ने कहा कि भारत विरोधी विमर्श ने भारतीय संस्कृति पर हमला किया और आत्महीन बनाया। यह सनातन विमर्श की परंपरा का परिणाम है। समाज को अराजकता से बचाने और देवत्व की ओर ले जाने का आधार परिवार है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 19, 2025, 18:50 IST
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