Mandi: सीटू से संबद्ध एम्बुलेंस कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, शव यात्रा निकालकर जताया विरोध

सीटू से संबद्ध एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन के आह्वान पर 25 दिसंबर 2025 को रात 8 बजे से शनिवार रात 12 बजे तक प्रस्तावित दो दिवसीय हड़ताल के तहत मंडी जिला के 108 और 102 एम्बुलेंस कर्मचारी आज पूर्ण हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय मंडी में एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और शहर में शव यात्रा निकालकर अपनी मांगों को लेकर सरकार और प्रबंधन के प्रति विरोध दर्ज कराया। यूनियन के अनुसार मंडी जिला में यह हड़ताल सौ प्रतिशत सफल रही। मंडी में हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन के जिला प्रधान सुमित कपूर और महासचिव पंकज कुमार ने किया। इस दौरान संतोष कुमारी, ममता शर्मा, रजनी, तिलक राज, योगेश कुमार, चमन लाल, मनोज कुमार, रजनीश, हंस राज सहित सीटू के जिला महासचिव राजेश शर्मा, सुरेश सरवाल और गोपेंद्र भी मौजूद रहे। यूनियन और सीटू पदाधिकारियों ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं में कार्यरत कर्मचारी नेशनल हेल्थ मिशन के अंतर्गत मेडस्वान फाउंडेशन कंपनी द्वारा वर्ष 2022 में नियुक्त किए गए हैं, जिनकी संख्या पूरे प्रदेश में लगभग तेरह सौ है। इससे पहले वर्ष 2010 में इन कर्मचारियों की नियुक्ति जीवीके कंपनी द्वारा की गई थी, लेकिन उस दौरान भी कर्मचारियों को छंटनी भत्ता, ग्रेच्युटी और अन्य वैधानिक लाभ नहीं दिए गए। इस पूरे मामले में स्वास्थ्य मिशन की भूमिका को मूक दर्शक बताया गया। यूनियन नेताओं का आरोप है कि वर्तमान में भी नियोक्ता कंपनी द्वारा कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है। कर्मचारियों को निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा और उनसे 12 घंटे की ड्यूटी करवाई जाती है, जबकि ओवरटाइम का भुगतान नहीं किया जाता। हिमाचल हाईकोर्ट, लेबर कोर्ट, सीजीएम कोर्ट शिमला और श्रम कार्यालय के आदेशों के बावजूद यह स्थिति बनी हुई है। इतना ही नहीं, यूनियन के माध्यम से जब कर्मचारी अपनी मांगें उठाते हैं तो उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। यूनियन ने बताया कि इससे पहले भी कर्मचारी दो बार एक-एक दिन की हड़ताल कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने न तो न्यूनतम वेतन दिया और न ही ओवरटाइम का भुगतान किया। इसी कारण इस बार दो दिवसीय हड़ताल का निर्णय लिया गया है। सीटू के जिला महासचिव राजेश शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि कंपनी द्वारा सरकारी नियमानुसार वेतन, ओवरटाइम, सभी प्रकार की छुट्टियां, एम्बुलेंस वाहनों की मेंटीनेंस, इंश्योरेंस, बीमारी के दौरान पूरा वेतन, हाईकोर्ट और श्रम विभाग के आदेशों का पालन नहीं किया गया और यूनियन नेताओं की प्रताड़ना की नीति नहीं बदली गई तो यूनियन को अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लेना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और कंपनी की होगी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Dec 27, 2025, 13:13 IST
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