हिसार के अग्रसेन भवन में हरि नाम संकीर्तन के दूसरा दिन उमड़े श्रद्धालु

अग्रसेन भवन में हरि नाम संकीर्तन में गायक दिव्य दास, मुंबई से जतिन अग्रवाल व अशोक अग्रवाल, दिल्ली से महावीर शर्मा व श्रीधाम वृंदावन से वैष्णाचार्य धीरज बावरा ने भजनों की प्रस्तुति दी। देर रात तक श्रद्धालु भजनों पर झूमते रहे। संकीर्तन की शुरुआत स्थानीय भजन गायक दिव्य दास, मुंबई से जतिन अग्रवाल व अशोक अग्रवाल ने हरे रामा-हरे कृष्णा की जुगलबंदी से की। भजन गायकों के बोल थे : निकुंज में विराजे घनश्याम राधे-राधे, मेरे जीवन के तन, मन, धन सब कुछ, मैं सर्वस्व तुम पर वारी, नाम की धारा बहती जाये-धा राधा राधा राधा, तेरी रहमतों ने हमको दर पर बुला लिया है, मेरे सरकार का दरबार बड़ा प्यारा है, तेरा दर मिल गया मुझको, मुझे याद सजन तेरी आई। मैं गिरधर की गिरधर मेरे, गोपाल सहारा तेरा है, जहां ले चलोगे वहीं मैं चलूंगा, जब से सांवरे ने पकड़ी मेरी बांह, कन्हैया तुम्हारी झलक चाहते हैं, देखो भिखारी आया मोहन तेरी गलियों में, तेरी याद में डूबा रहूं कन्हैया, मेरो खोय गयो बाजू बंद रसिया होरी में, फूलों में सज रहे हैं श्रीवृंदावन बिहारी नामक भजन भी सराहा गया। गोविंद चले आओ गोपाल चले आओ, मेरा कान्हा रंग रंगीला मैं तो नाचूंगी हम हाथ उठाकर कहते हैं हम हो गये राधा-रानी के, खेलें सखियन संग आज बरसाने में आदि भजन भी गूंजे।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 10, 2026, 11:59 IST
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