Bilaspur: स्वरोजगार स्टार्टअप ई-टैक्सी योजना बनी आजीविका का सहारा
प्रदेश सरकार की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप (ई-टैक्सी) योजना लोगों के लिए बेहतर आजीविका का सहारा बन रही है। बिलासपुर और हमीरपुर के दो चालकों शंकर सिंह (गांव सवारा, घुमारवीं) और रमेश कुमार (लठवाण, भोरंज) को इस योजना से स्थायी रोजगार मिला है। दोनों ने इलेक्ट्रिक वाहन खरीदकर सरकारी विभागों में तैनात किए हैं और हर महीने 59 हजार रुपये की आय के साथ 15 से 20 हजार रुपये की बचत कर रहे हैं। शंकर सिंह करीब 20 वर्षों से टैक्सी चलाकर परिवार का गुजारा कर रहे थे। वे 102 एंबुलेंस सेवा में भी कार्य कर चुके हैं। वर्ष 2023 में योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया और 2025 में 15 लाख रुपये का इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा। जुलाई 2025 में वाहन को उपायुक्त कार्यालय के सहायक आयुक्त के साथ अटैच कर दिया गया। शंकर बताते हैं कि अब उन्हें हर महीने निश्चित आय मिल रही है और किस्त भी आसानी से निकल रही है। दिसंबर 2023 में योजना की जानकारी मिलने पर रमेश कुमार ने लोकमित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन किया। उन्होंने भी इस साल इलेक्ट्रिक वाहन लिया और जुलाई 2025 में सरकारी विभाग में अटैच कर दिया गया। रमेश बताते हैं कि पहले उनकी आय अनिश्चित थी, लेकिन अब हर महीने 15 से 20 हजार रुपये की पक्की कमाई हो रही है। दोनों लाभार्थियों ने 15 लाख रुपये वाले इलेक्ट्रिक वाहन लिए हैं, जिन पर सरकार ने 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Dec 07, 2025, 16:10 IST
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