Bilaspur: कन्या पाठशाला बिलासपुर के विलय पर सियासत तेज, भाजपा ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने कन्या पाठशाला बिलासपुर के विलय के मुद्दे पर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने 18 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना को तुगलकी फरमान बताते हुए कहा कि यदि सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो भाजपा पूरे प्रदेश में बड़ा आंदोलन छेड़ेगी। जमवाल ने कहा कि बिलासपुर शहर में वर्ष 1952 में न्यू बिलासपुर टाउनशिप बसने के समय बेटियों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए अलग से कन्या स्कूल की स्थापना की गई थी। अब सरकार ने कन्या और छात्र पाठशाला बिलासपरु में मर्ज कर एक ही विद्यालय बना दिया है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं से ठीक पहले लिया गया यह फैसला छात्राओं और अभिभावकों के लिए असमंजस की स्थिति पैदा करेगा। विधायक ने आरोप लगाया कि यह निर्णय प्रदेश सरकार की बेटियों और महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अलग कन्या विद्यालय केवल भवन नहीं, बल्कि समाज की सोच का प्रतीक है, जिसे खत्म करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार गुणवत्ता शिक्षा के नाम पर स्कूलों के मर्जर को सही ठहरा रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि इससे छात्राओं की सुविधाओं और सुरक्षा से समझौता होगा। सरकारी स्कूलों में गरीब परिवारों की बेटियां पढ़ती हैं। उनका शिक्षा का अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। जमवाल ने बताया कि 28 मई 2025 को शहर की महिला आईटीआई को भी बंद किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार शिक्षण संस्थानों को बंद या मर्ज कर सरकार शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बिलासपुर सदर क्षेत्र में कई प्राथमिक और मिडिल स्कूल बंद किए गए हैं, आईटीआई को मर्ज किया गया है तथा अन्य विभागों के कार्यालय भी समेटे गए हैं। यह सिलसिला दिसंबर 2022 से जारी है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 20, 2026, 16:53 IST
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