मेरा गांव मेरी शान: राजनीति की भेंट चढ़ा मुंढाल, कभी हुआ करता था हलका
दिल्ली-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 09 पर स्थित गांव मुंढाल कभी हलका हुआ करता था। जो कि आज तहसील के पद से भी महरूम है। राजनीति की भेंट चढ़े हलके मुंढाल को सन 2005 में कांग्रेस पार्टी से तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राजनीतिक फायदे के चलते तोड़ा था। हलका मुंढाल से अंतिम विधायक कांग्रेस पार्टी से रणबीर सिंह महेंद्रा थे। वहीं, हलके के पद से महरूम गांव मुंढाल में अब तहसील बनाने की मांग उठाने लगी है। दरअसल, सन 1967 में हरियाणा गठन के समय से ही गांव मुंढाल को हलके के पद से नवाजा गया था। जिसके बाद सन 1967 से 2005 तक लगातार हुए चुनाव में मुंढाल विधानसभा से अलग-अलग पार्टी से विधायक चुनते रहे। वहीं, विधानसभा क्षेत्र होने के चलते मुंढाल में विकास कार्य भी सुचारू रूप से जारी रहे। लेकिन सन 2005 में हुए परिसीमन में मुंढाल विधानसभा क्षेत्र के लिए एक अहम मोड़ आया, जिसमें राजनीति के चलते मुंढाल को हलके से हटा दिया गया। हालात यह रहे कि गांव को हलके से हटाने के बाद अब तक तहसील भी नहीं बनाया गया है। जबकि मुंढाल तहसील बनने के सभी मानक पूरे करता है। हलके मुंढाल के सभी गांव को बवानीखेड़ा आरक्षित विधानसभा में जोड़ दिया गया। वहीं, मुंढाल हलके टूटने के समय प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार थी और मुंढाल विधानसभा से रणबीर सिंह महेंद्र विधायक थे। लेकिन राजनीतिक महत्वकांक्षा के चलते उन्होंने भी हलके को बचाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
- Source: www.amarujala.com
- Published: May 31, 2026, 16:33 IST
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