Vaishakh Month 2026: वैशाख मास में दान का विशेष महत्व, जानिए जलदान से लेकर अन्नदान तक का विशेष फल

Vaishakh Month 2026: धर्मग्रंथों में वैशाख मास को अत्यंत पवित्र, पुण्यदायी और देव आराधना के लिए श्रेष्ठ समय माना गया है। यह मास दान, तप, जप और सत्कर्मों का विशेष फल देने वाला बताया गया है। इसकी तुलना एक स्नेहमयी माता से की गई है, जो अपने सभी संतानों की इच्छाओं को पूर्ण करती है। वैशाख मास धर्म, यज्ञ, तपस्या और शुभ क्रियाओं का सार माना गया है और समस्त देवताओं द्वारा पूजनीय है। विशेष रूप से भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए यह मास अत्यंत प्रभावी माना गया है। 1. वैशाख मास का महत्व धार्मिक मान्यता के अनुसार यह मास आत्मशुद्धि और पुण्य संचय का श्रेष्ठ अवसर प्रदान करता है। इसमें किए गए छोटे-छोटे सत्कर्म और दान भी विशेष फलदायी होते हैं। 2. विष्णु भक्ति के लिए श्रेष्ठ समय यह मास भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इस दौरान उनकी आराधना करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। 3. तीर्थों का जल में वास शास्त्रों के अनुसार वैशाख मास में समस्त तीर्थ और देवता जल में निवास करते हैं। सूर्योदय से लेकर निश्चित समय तक जल में स्नान और सेवा करने से तीर्थों का फल प्राप्त होता है। 4. जल दान का सर्वोच्च स्थान स्कंद पुराण के अनुसार इस मास में जल दान को सभी दानों में श्रेष्ठ बताया गया है। प्यासे और जरूरतमंद लोगों को शीतल जल पिलाने से महान यज्ञों के समान पुण्य प्राप्त होता है और त्रिदेव की कृपा मिलती है। 5. प्याऊ स्थापना का महत्व वैशाख में राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना अत्यंत पुण्यकारी कार्य माना गया है। इससे न केवल लोगों की प्यास बुझती है, बल्कि देवता, पितर और ऋषि-मुनि भी प्रसन्न होते हैं। Baisakhi 2026:13 या 14 अप्रैल कब है बैसाखी जानें सही तारीख, पूजा का महत्व और खास बातें 6. पंखा दान का पुण्य गर्मी से पीड़ित लोगों को शीतलता प्रदान करना भी बड़ा पुण्य माना गया है। पंखा दान करने या किसी को हवा करने से व्यक्ति पापों से मुक्त होकर भगवान के समीप स्थान प्राप्त करता है। 7. अन्नदान की महिमा अन्नदान को सभी दानों में श्रेष्ठ कहा गया है। भूखे व्यक्ति या अतिथि को भोजन कराने से तुरंत पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में संतोष का अनुभव होता है। Vaishakh Amavasya 2026:वैशाख अमावस्या पर करें ये खास उपाय, मिलेगी पितृ दोष से मुक्ति 8. पादुका और चटाई दान जरूरतमंद लोगों को जूते-चप्पल या चटाई दान करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। यह दान व्यक्ति को परलोक में भी शुभ फल प्रदान करता है। 9. वस्त्र, फल और शर्बत का दान गर्मी के समय वस्त्र, फल और शीतल पेय पदार्थों का दान करना विशेष फलदायी माना गया है। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और जीवन के पापों का क्षय होता है। 10. दही, चावल और घी का दान दही, खांड और चावल का दान करने से दीर्घायु और यज्ञों के समान फल मिलता है। वहीं घी का दान अश्वमेध यज्ञ के बराबर फल देकर विष्णुलोक की प्राप्ति कराता है, ऐसा शास्त्रों में कहा गया है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 06, 2026, 08:19 IST
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