अमेरिकी महिला का दावा: ट्रंप के अफसर नहीं दे रहे बयान, अब ऑन एयर किया जाएगा एक महीने पहले रोका गया '60 मिनट्स'

'60 मिनट्स' ने रविवार को ट्रंप प्रशासन की ओर से किए गए निर्वासन से जुड़ी अपनी उस खबर का प्रसारण किया, जिसे एक महीने पहले अचानक समाचार पत्रिका के कार्यक्रमों से हटा दिया गया था। इस कदम ने राजनीतिक दबाव को लेकर एक आंतरिक विवाद को जन्म दिया जो खुलकर सामने आ गया। संवाददाता शैरीन अल्फोंसी ने अल साल्वाडोर की कुख्यात रूप से कठोर सीईसीओटी जेल में भेजे गए निर्वासितों के बारे में अपनी रिपोर्ट पेश की थी। सीबीएस न्यूज की प्रधान संपादक बारी वेइस के आदेश पर 21 दिसंबर को इसे हटा दिया गया था। तब अल्फोंसी ने अपने सहयोगियों से कहा था कि यह संपादकीय नहीं, एक सियासी फैसला था। ये भी पढ़ें:Portugal:पुर्तगाल के राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में चौंकाने वाला नतीजा, इस पार्टी के नेता ने मारी बाजी क्यों रोका गया 60 मिनट्स कार्यक्रम वेइस ने तर्क दिया था कि यह कहानी प्रशासन के नजरिये या अन्य समाचार संगठनों की ओर से पहले की गई अग्रिम रिपोर्टिंग को पर्याप्त तरीके से नहीं दर्शाती है। रविवार को दिखाई गई रिपोर्ट में ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के कोई भी ऑन-कैमरा साक्षात्कार शामिल नहीं थे। हालांकि, इसमें व्हाइट हाउस और गृह सुरक्षा विभाग के वे बयान शामिल थे जो अल्फोंसी की ओर से अपनी रिपोर्ट हटाए जाने से पहले इस्तेमाल किए गए बयानों का हिस्सा नहीं थे। अल्फोंसी ने कहा, 'नवंबर से ही 60 मिनट्स ने हमारी कहानी के बारे में ट्रंप प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों का कैमरे पर साक्षात्कार लेने के कई प्रयास किए हैं। उन्होंने हमारे अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया।' अल्फोंसी ने रविवार को एसोसिएटेड प्रेस के संदेश का जवाब नहीं दिया। उन्होंने अपने ईमेल में कहा कि प्रशासन की ओर से कैमरे के सामने साक्षात्कार देने से इनकार करना इस कहानी को दबाने के लिए रची गई एक रणनीतिक चाल थी। ये भी पढ़ें:Guatemala Violence:मध्य अमेरिकी देश में गैंगवार से दहशत, जेल में हिंसा के बाद सात पुलिसकर्मियों की हत्या सीबीएस बोला- कार्यक्रम को प्रसारित करने वाले थे सीबीएस न्यूज़ ने एक बयान में कहा, 'उसका नेतृत्व हमेशा से 60 मिनट्स के सीईसीओटी कार्यक्रम को तैयार होते ही प्रसारित करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। आज रात दर्शक इसे अन्य महत्वपूर्ण खबरों के साथ देख सकेंगे, जो सभी सीबीएस न्यूज़ की स्वतंत्रता और हमारी कहानी कहने की शक्ति को दर्शाती हैं।' अल्फोंसी की रिपोर्ट कैसे बनी विवाद का मुद्दा अल्फोंसी की सीईसीओटी कहानी को दरकिनार करने का शुरुआती फैसला आलोचकों के लिए विवाद का मुद्दा बन गया। उन्होंने कहा कि टेलीविजन समाचार में कोई पूर्व अनुभव न रखने वाली फ्री प्रेस वेबसाइट की संस्थापक वेइस की नियुक्ति, नेटवर्क के नए कॉर्पोरेट नेतृत्व की ओर से ट्रंप का पक्ष जीतने की एक कोशिश था। दिसंबर में प्रसारण से हटाए जाने के बावजूद अल्फोंसी की कहानी गलती से ऑनलाइन उपलब्ध हो गई। सीबीएस न्यूज ने न्यूजमैगज़ीन का एक संस्करण ग्लोबल टेलीविजन को दिया था, जो कनाडा में '60 मिनट्स' प्रसारित करने वाला नेटवर्क है। उसने आखिरी वक्त में प्रसारण हटाए जाने से पहले इसे अपनी वेबसाइट पर पोस्ट कर दिया था। रिपोर्ट में ट्रंप और व्हाइट हाउस के चौंकाने वाले बयान खबर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक छोटा वीडियो क्लिप शामिल था जिसमें वे कह रहे थे कि जेल संचालक कोई मजाक नहीं करते है। इसमें व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट का एक वीडियो क्लिप था जिसमें वे कह रही थीं कि बलात्कारी, हत्यारे, यौन हमलावर, ऐसे दरिंदे हैं, जिन्हें इस देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है, उन्हें वहां भेजा गया है। अन्य वीडियो

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 19, 2026, 09:13 IST
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