यूपी: मां के नौकरीपेशा होने से बच्चों में मोटापे का खतरा, केजीएमयू के अध्ययन में सामने आया चौकाने वाला सच
मां के नौकरीपेशा होने का असर बच्चों के वजन पर भी दिखाई दे रहा है। केजीएमयू और लोहिया संस्थान के साझा अध्ययन में इन महिलाओं के बच्चों में मोटापे की दर 21.3 फीसदी मिली है। गृहिणियों के बच्चों में यह दर 8.9 फीसदी ही रही। यह अध्ययन इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एडोलसेंट के सितंबर के अंक में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन में लखनऊ के 502 स्कूल जाने वाले किशोरों को शामिल किया गया। इनकी उम्र 10 से 19 वर्ष थी। सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के साथ शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अध्ययन में शामिल किया गया। इसमें सिर्फ मोटापे में ही नहीं बल्कि अधिक वजन की दर में भी बड़ा अंतर सामने आया। कुशल और उससे ऊपर के पेशे में काम करने वाली माताओं के 23.4 फीसदी बच्चे अधिक वजन से प्रभावित मिले। अर्धकुशल-अकुशल पेशे वाली माताओं के बच्चों में यह 15.4 और बेरोजगार माताओं के बच्चों में 14.2 फीसदी था। डॉ. अजीत कुमार सिंह, डॉ. रितिका चतुर्वेदी, डॉ. रीमा कुमारी, डॉ. सौरभ कश्यप और डॉ. अभिषेक सिंह ने यह अध्ययन किया।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 03, 2026, 10:12 IST
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