यूपी: अधिकारी को 10 मिनट में देना होगा जनप्रतिनिधि के फोन का जवाब, सिर्फ सरकारी नंबरों के लिए होगी सुविधा

अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों का फोन नहीं उठाने का मंगलवार को विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने नई पहल की है। उन्होंने अपने प्रभार वाले दो जिलों हरदोई व गाजियाबाद तथा निर्वाचन क्षेत्र कन्नौज में सरकारी तंत्र की संवेदनशीलता तय करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट संवाद सेतु शुरु किया है। उन्होंने मंगलवार को सदन में शासन और जिला स्तर पर ऐसी व्यवस्था करने की सलाह भी दी थी, जिसे खतरे की घंटी का नाम दिया था। मंत्री ने बताया कि इसके तहत जिला स्तर पर एक अत्याधुनिक 'जिला संपर्क एवं कमांड सेंटर' स्थापित होगा, जो जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच संचार की कड़ी बनेगा। 10 मिनट में अधिकारी का फोन न उठने अथवा कॉल बैक न आने पर सेंटर अपना काम शुरू कर देगा। जनप्रतिनिधि द्वारा कमांड सेंटर को सूचित करने के बाद तत्काल संबंधित अधिकारी को 'कॉल बैक' करने का निर्देश दिया जाएगा और इसकी पुष्टि होने तक समन्वय किया जाएगा। इसके लिए स्मार्टफोन और सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा। सॉफ्टवेयर में अधिकारियों के 'रिस्पांस टाइम' का डाटा सुरक्षित रखा जाएगा। सेंटर के पास राजपत्रित अधिकारियों की उपलब्धता (ड्यूटी, अवकाश या प्रशिक्षण) का रियल टाइम डाटा होगा। कोई अवकाश पर है, तो जनप्रतिनिधि को वैकल्पिक अधिकारी से संपर्क करने को कहा जाएगा। इसमें अधिकारियों के वर्क-लाइफ बैलेंस का भी ध्यान रखा गया है। यह व्यवस्था केवल कार्य दिवसों और कार्यालय समय के दौरान ही प्रभावी होगी। सेंटर में 3 प्रशिक्षित ऑपरेटर तैनात किए जाएंगे। ऑनलाइन बैठक के बाद 25 फरवरी से व्यवस्था शुरू की जाएगी समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच सीधा, समयबद्ध और रिकॉर्ड आधारित संवाद स्थापित करना है। इस संबंध में तीनों जिलों के डीएम के साथ ऑनलाइन बैठक के बाद 25 फरवरी से व्यवस्था शुरू की जाएगी। यह सुविधा केवल शासन द्वारा आवंटित सरकारी नंबरों के लिए मान्य होगी। बेहतर संवाद और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट शासन भेजी जाएगी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 18, 2026, 20:28 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




यूपी: अधिकारी को 10 मिनट में देना होगा जनप्रतिनिधि के फोन का जवाब, सिर्फ सरकारी नंबरों के लिए होगी सुविधा #CityStates #Lucknow #UpNewsToday #SubahSamachar