ध्वस्तीकरण का डर: प्रशासन बना रहा रणनीति, पांच साल में कैसे विकसित हुई अवैध कॉलोनी जवाब देंगे जिम्मेदार

मेरठ के उल्देपुर गांव में अवैध कॉलोनियों के ध्वस्तीकरण के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन और मेरठ विकास प्राधिकरण के सामने कार्रवाई की रणनीति तैयार करने की चुनौती है। अब यह भी जांच का विषय होगा कि महज पांच साल में इतनी बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां कैसे विकसित हुईं और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। बृहस्पतिवार को मेडा अधिकारियों ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर मंथन किया। कुंज और एंक्लेव के नामों से बदली गांव की पहचान उल्देपुर में विकसित की गई कॉलोनियों के नाम भी चर्चा में हैं। बजरंग कुंज, श्याम कुंज, कैलाश कुंज, माधव कुंज, कृष्ण कुंज, विनायक कुंज, अमर कुंज, सावरिया कुंज, शिव कुंज, वासुदेव कुंज, गोधाम और तीरपाल एंक्लेव जैसे नाम रखे गए हैं। गांव में बड़ी संख्या में कॉलोनियां विकसित होने से स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि कुछ ही वर्षों में गांव का स्वरूप कैसे बदल गया।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 26, 2026, 11:51 IST
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