अंजाम-ए-इश्क : जिस पेड़ के नीचे बुने सपने, उसी की डाल पर खत्म हुई कहानी, मंजर देख सिहर उठा गांव, महोबा सुसाइड
महोबा जिले में सबुआ गांव के उपेंद्र और चरखारी की युवती के बीच प्रेम का बीज कब पनपा इसकी जानकारी तो परिजन नहीं दे सके। जिस पेड़ के नीचे बैठकर युवक ने अपनी प्रेम कहानी की शुरुआत की उसी पेड़ की डाल से दोनों के शव लटके देख परिजन का कलेजा दहल गया। परिजन को एक बार तो यकीन नहीं हुआ कि उनके कलेजे के टुकड़े अब इस दुनिया से जा चुके हैं। घटना से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल रहा। सबुआ गांव निवासी उपेंद्र के पिता सुंदरलाल किसान है। उपेंद्र तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़े भाई पुष्पेंद्र विवाहित है और वह बाहर रहते हैं, जबकि मंझला बेटा अशोक घर पर रहता है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 03, 2026, 01:51 IST
अंजाम-ए-इश्क : जिस पेड़ के नीचे बुने सपने, उसी की डाल पर खत्म हुई कहानी, मंजर देख सिहर उठा गांव, महोबा सुसाइड #CityStates #Kanpur #Mahoba #UttarPradesh #MahobaNews #MahobaCrimeNews #UpCrimeNews #UpPolice #UpLatestNewsInHindi #MahobaSuicide #SubahSamachar
