टाइगर श्रॉफ केस: रैपिडो राइडर ही था टिपर, एक साल से सेलिब्रिटीज के घर के वीडियो बनाकर बिश्नोई गैंग को भेजे

अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े गोलीबारी मामले की जांच में सामने आया है कि रैपिडो राइडर ऋतिक कुमार पिछले एक साल से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए जानकारी जुटा रहा था। वह सेलिब्रिटीज के ठिकानों की रेकी करता था और उन इलाकों के वीडियो बनाकर गैंग के दूसरे सदस्यों को भेजता था। पुलिस को शक है कि रैपिडो राइडर के तौर पर काम करते हुए वह फिल्मी हस्तियों के आने-जाने और उनके रहने की जगहों के बारे में जानकारी जुटाता था। पुलिस का मानना है कि वही लॉरेंस बिश्नोई गैंग का टिपर था । ऋतिक पहले जुहू और गोरेगांव में रहा था। बाद में वह अंधेरी ईस्ट में रहने लगा। पुलिस जांच में पता चला है कि इस केस में गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर अंधेरी ईस्ट के आरआर रेजिडेंसी होटल में फर्जी नाम से रुके थे। आरोपी फूल सिंह (18) और रेहान उर्फ सुक्का (18) ने 14 अक्तूबर से 18 अक्टूबर तक होटल के कमरा नंबर 201 को बुक कराया था। दोनों ने अंकित और मनदीप नैन के नाम से कमरा लिया था। होटल मैनेजर विक्रांत पासवान ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने अपने पहचान पत्र व्हाट्सऐप पर भेजे थे और उनकी मूल प्रतियां जमा नहीं की थीं। उन्होंने खुद को हरियाणा का रहने वाला बताया था। आरोपी होटल में रोजाना 1,500 रुपये किराया देते थे, लेकिन ठहरने के आखिरी दिन का भुगतान किए बिना ही चुपचाप वहां से निकल गए थे। सोमवार को जब होटल के कर्मचारियों ने कमरा खोला, तो उनके बैग और कुछ दूसरे सामान कमरे में ही रखे मिले। पुलिस को इस मामले से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी मिला है। 18 अक्तूबर को शाम 4:12 से 4:13 बजे के बीच की फुटेज में एक आरोपी हाथ में नीले रंग का बैग लेकर होटल से बाहर निकलता दिख रहा है। पुलिस को शक है कि उस बैग में पिस्तौल थी। इसके कुछ देर बाद दोनों पल्सर बाइक पर सवार होकर वहां से फरार हो गए। होटल के कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि दोनों आरोपी बहुत कम बोलते थे और ज्यादातर चुप रहते थे। वे आमतौर पर खाना खाने के लिए बाहर जाते थे। होटल कर्मचारी धीरज यादव ने पुलिस को बताया कि रविवार शाम करीब चार बजे दोनों में से एक छोटा बैग लेकर बाहर निकला था। दोनों किसी को कुछ बताए बिना चले गए। उस समय होटल कर्मचारियों को इस बात का अंदाजा नहीं था कि वे किसी गंभीर अपराध में शामिल हो सकते हैं। आरआर रेजिडेंसी अंधेरी ईस्ट में कमराज होटल के पीछे एक संकरी गली में स्थित छोटा-सा होटल है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि गोलीबारी की वारदात से एक दिन पहले, 17 अक्तूबर को दोनों आरोपी ऑटो रिक्शा से मुंबई के बाहरी इलाके में स्थित आरे के जंगल गए थे। उन्होंने वहां गोली चलाने का अभ्यास किया था। आरोपियों ने उन्हें आरे कॉलोनी के जंगल वाले इलाके में ले जाने के लिए एक ऑटो चालक को 400 रुपये भी दिए थे। मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार, जंगल में आरोपियों की एक बंदूक जाम हो गई थी। इसके बाद वे अंधेरी ईस्ट स्थित होटल में लौट आए, जहां वे ठहरे हुए थे। वहां उन्होंने बंदूक में फंसी गोली निकालने की कोशिश की। इस दौरान बंदूक से अचानक गोली चल गई, लेकिन कमरे में किसी को चोट नहीं लगी। जांच अधिकारियों ने होटल के कमरे का पंचनामा किया है। पुलिस अब आरोपियों को जंगल में उस इलाके में ले जाएगी, ताकि वे उस जगह की पहचान कर सकें, जहां उन्होंने गोली चलाने की प्रैक्टिस की थी।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 23, 2026, 05:34 IST
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