Meerut News: जीवन का क्षणभर भी भरोसा नहीं, देव-शास्त्र-गुरु भक्ति ही सच्चा सहारा

संवाद न्यूज एजेंसीहस्तिनापुर। कस्बे के श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के स्वर्णमयी पंचमेरू नंदीश्वरद्वीप जिनालय में बुधवार को फाल्गुन अष्टान्हिका महापर्व के अवसर पर श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान का भव्य आयोजन विधानाचार्य पंडित आशीष जैन शास्त्री के कुशल निर्देशन में पूर्ण भाव भक्ति के साथ संपन्न हुआ।विधान के दूसरे दिन भक्तों ने जाप अनुष्ठान किया। भगवान शांतिनाथ के अभिषेक के साथ-साथ शांतिधारा करने का सौभाग्य सुषमा जैन, मनीष जैन, आशीष जैन, डियाना जैन, वीना जैन को प्राप्त हुआ। शांतिधारा में कुबेर इंद्र के रूप में मुकेश जैन ने सहयोग किया। श्रद्धालुओं ने शांतिधारा के मंत्रों का श्रवण किया। आचार्य विमर्श सागर महाराज ने कहा कि जीवन पानी की बूंद के समान है। आयु, कर्म कब समाप्त हो जाएं इसका कुछ भी भरोसा नहीं है। इसलिए सांसारिक प्राणी को अपने जीवन में सच्चे देव शास्त्र, गुरु की भक्ति करते रहना चाहिए। सिद्धचक्र महामंडल विधान करने से जीवन में आने वाले उपद्रव रोग, शोक दूर हो जाते हैं। मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। सिद्ध भगवान अनंत ज्ञान, अनंत दर्शन, अनंत सुख के धनी हैं। जिनेंद्र भगवान की भक्ति करने से भक्त के अनादिकाल के पाप क्षण दूर हो जाते हैं। मैना सुंदरी ने इस विधान द्वारा अपने पति सहित 700 कोढ़ियों का रोग दूर किया। विधान करते हुए मंडल पर मनोज जैन, मुकेश जैन, राकेश जैन, प्रमोद जैन, प्रवीण जैन, राजीव जैन, विजय कुमार जैन के साथ विधानाचार्य ने 32 अर्घ्य समर्पित किए। रात्रि में आरती एवं भक्ति के साथ झूम-झूम कर नृत्य कर पुण्य का संचय किया। शास्त्रसभा में सिद्धचक्र महामंडल विधान के महत्व का सुंदर शब्दों में वाचन किया।क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, मंत्री राजीव जैन, मंत्री राजीव जैन, प्रवीण जैन, सुनील जैन, महाप्रबंधक मुकेश जैन, उमेश जैन, अतुल जैन, कुश जैन, शुभम जैन आदि ने सहयोग किया। कैलाश पर्वत मंदिर पर पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 25, 2026, 18:13 IST
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