मंदिर कागजों पर नहीं, धरातल पर उतरे : उपमुख्यमंत्री

ऊना। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना जिले में निर्माणाधीन प्रमुख विकास परियोजनाओं की सतत एवं प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन परियोजनाओं को विशेष गति की आवश्यकता है, उनकी उपायुक्त की अध्यक्षता में नियमित समीक्षा की जाए। विभागीय स्तर पर मासिक बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित हों तथा प्रत्येक माह उपायुक्त स्वयं प्रगति की विस्तृत समीक्षा करें ताकि सभी जनोपयोगी कार्य तय समयसीमा में पूर्ण हो सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे कार्यालयों तक सीमित न रहें बल्कि फील्ड में उतरकर कार्यों की प्रगति की प्रत्यक्ष निगरानी करें। वह शुक्रवार को जिला परिषद सभागार, ऊना में आयोजित जिला जन शिकायत निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन बबलू सहित समिति के गैर सरकारी सदस्य एवं विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।अग्निहोत्री ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर भवन निर्माण एवं परिसर सौंदर्यीकरण कार्यों में हो रही अनावश्यक देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि समस्त कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि जब माता वैष्णो देवी मंदिर का भव्य स्वरूप विकसित हो सकता है, जब श्री वृंदावन धाम में व्यापक विकास कार्य संभव हैं तो फिर माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में कार्यों में विलंब क्यों। उन्होंने कहा कि पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद कार्य आरंभ न होना अस्वीकार्य है। उन्होंने दो टूक कहा कि मंदिर कागजों पर नहीं, धरातल पर बनना चाहिए। यदि राजनीतिक इच्छा शक्ति प्रशासनिक स्तर पर परिलक्षित न हो तो योजनाएं मूर्त रूप कैसे लेंगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजना के अंतर्गत प्राप्त 56 करोड़ रुपये तथा जिला प्रशासन के 75 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं दिख रही है।बैठक में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में सड़कों एवं पुलों पर अरबों रुपये की परियोजनाएं पूर्ण होने से कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होंने जिले में निर्माणाधीन पांच प्रमुख पुलों के कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए उन्हें प्राथमिकता पर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। ऊना-संतोषगढ़ मार्ग पर रामपुर में वर्ष 2024 में क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर स्थापित बेली ब्रिज की बजाय स्थायी पक्का पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर इसे आगामी बजट में हर हाल में शामिल कराने के निर्देश दिए। इसके लिए उपायुक्त को व्यक्तिगत स्तर पर प्रयास सुनिश्चित करने को कहा। --विधायक सुदर्शन बबलू ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्देचिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन बबलू ने बैठक में विभिन्न जनहित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने समिति की बैठक हर तीन महीने के अंतराल में आयोजित कराने का आग्रह किया ताकि विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा नियमित हो सके। विधायक ने माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के विकास के लिए दिए गए निर्देशों पर आभार जताते हुए कहा कि बड़े मंदिरों की तर्ज पर समग्र विकास कार्य शीघ्र आरंभ करने और आधारशिला जल्द रखने का आग्रह किया।आलू प्रोसेसिंग प्लांट का कार्य शीघ्र आरंभ होउपमुख्यमंत्री ने चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित आलू प्रोसेसिंग प्लांट के निर्माण कार्य को शीघ्र आरंभ करने के निर्देश दिए। इसके लिए भूमि संबंधी औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी, उपायुक्त तथा स्थानीय विधायक संयुक्त रूप से बैठक कर प्लांट के लेआउट पर चर्चा कर उसे अंतिम रूप दें ताकि कार्य प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि परियोजना की आधारशिला मुख्यमंत्री के हाथों रखवाने का आग्रह किया जाएगा। दूषित जल निकासी पर सख्त कार्रवाई के निर्देशउपमुख्यमंत्री ने बैठक में टाहलीवाल क्षेत्र में कुछ औद्योगिक इकाइयों द्वारा दूषित जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त की तथा प्रशासन को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित औद्योगिक इकाइयों द्वारा पर्यावरणीय मानकों एवं नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 27, 2026, 22:48 IST
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