Rohtak News: 60 रुपये में पूरे विषय का सार, परीक्षा केंद्रों के बाहर लगी पर्चियों की मार्केट

रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के संबद्ध कॉलेजों में परीक्षाएं चल रही हैं। एक तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन नकल रोकने और पारदर्शी परीक्षा संचालन के लिए लगातार निरीक्षण कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ परीक्षा केंद्रों के बाहर जीरो साइज पर्चियों का कारोबार धड़ल्ले से जारी है। कई केंद्रों के आसपास परीक्षा शुरू होने से पहले छोटी-छोटी दुकानें छात्रों से भरी दिखाई देती हैं। जहां 50 से 60 रुपये में पूरे विषय का सार बेचने वाली पर्चियां आसानी से मिल रही हैं।इन पर्चियों में महत्वपूर्ण प्रश्न, संभावित उत्तर और परीक्षा में पूछे जाने वाले टॉपिक्स का संक्षिप्त विवरण दिया जाता है। परीक्षा केंद्रों पर जाने से पहले छात्र इन्हें जेबों, पर्स और अन्य सामान में रखकर ले जाते देखे जा सकते हैं।परीक्षा केंद्रों के बाहर बन रहा बाजारनेकीराम कॉलेज, जाट कॉलेज, एमडीयू और अन्य कॉलेजों सहित कई परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटोकॉपी और नोट्स की दुकानों पर इन पर्चियों की सबसे अधिक मांग देखी जा रही है। दुकानदार विषयवार तैयार सामग्री उपलब्ध करा रहे हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले छात्रों की भीड़ इन दुकानों पर देखी जा सकती है।क्या होती हैं यह जीरो साइज पर्चियांजीरो साइज पर्चियां बेहद छोटे आकार में तैयार किए गए नोट्स या चीट शीट होती हैं। इनमें किसी विषय के महत्वपूर्ण प्रश्न, उत्तर, परिभाषाएं, सूत्र या संभावित परीक्षा सामग्री बहुत छोटे अक्षरों में छापी जाती है। आकार छोटा होने के कारण इन्हें जेब, पर्स, कपड़ों या अन्य सामान में आसानी से रखा जा सकता है। इन्हें आम बोलचाल में जीरो साइज नोट्स, माइक्रो नोट्स या चीट पर्चियां भी कहा जाता है।बैठकों और निरीक्षण के बावजूद सवाल7 मई को कुलपति प्रो. मिलाप पूनियां ने संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों और निदेशकों की बैठक लेकर परीक्षा संचालन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने अनुचित साधनों के प्रयोग पर रोक लगाने और परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखने की बात कही थी। इसके बाद 5 जून को परीक्षा नियंत्रक प्रो. राहुल ऋषि ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण भी किया। इसके बावजूद परीक्षा केंद्रों के बाहर खुलेआम बिक रही पर्चियां कई सवाल खड़े कर रही हैं।परिसर और कूड़ेदानों में मिलीं पर्चियांपरीक्षा समाप्त होने के बाद कॉलेज परिसर के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में छोटे-छोटे कागज पड़े मिले। कुछ पर्चियां कूड़ेदानों के आसपास मिलीं तो कुछ खुले स्थानों पर बिखरी दिखाई दीं। इन पर विषयों से संबंधित प्रश्न, परिभाषाएं और संक्षिप्त सामग्री लिखी हुई थी। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि परीक्षा से पहले खरीदी गई यह सामग्री परीक्षा समाप्त होने के बाद परिसर तक कैसे पहुंच रही है।90 फीसदी सवाल पर्चियों में शामिलपरीक्षा केंद्रों के बाहर बिक रही जीरो साइज पर्चियों और संबंधित विषय के प्रश्नपत्र के मिलान में कई समान टॉपिक्स और प्रश्न सामने आए। विश्लेषण में पाया गया कि प्रश्नपत्र के अधिकांश सवाल उन्हीं यूनिट्स और विषयों से जुड़े थे जिन्हें पर्चियों में प्रमुखता से शामिल किया गया था। छात्रों का दावा है कि परीक्षा में पूछे गए अधिकांश सवाल इन तैयार पर्चियों में शामिल विषयों से आए। 32-परीक्षा केंद्र के पास फोटोकापी की दुकान पर पर्चियाें की कॉपी करते दुकानदार। संवाद- फोटो : शिवगढ़ सीएचसी में घायल को इलाज करते चिकित्सक। 32-परीक्षा केंद्र के पास फोटोकापी की दुकान पर पर्चियाें की कॉपी करते दुकानदार। संवाद- फोटो : शिवगढ़ सीएचसी में घायल को इलाज करते चिकित्सक। 32-परीक्षा केंद्र के पास फोटोकापी की दुकान पर पर्चियाें की कॉपी करते दुकानदार। संवाद- फोटो : शिवगढ़ सीएचसी में घायल को इलाज करते चिकित्सक।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 09, 2026, 01:23 IST
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