Soybean: बायोफ्यूल में सोयाबीन का इस्तेमाल बढ़ा, वैश्विक आपूर्ति प्रभावित; उत्पादन घटने के डर से बढ़े दाम

पिछले एक महीने में घरेलू बाजार में सोयाबीन और सोयामील की कीमतों में जो अप्रत्याशित और आक्रामक तेजी देखी गई, उसने बाजार समीकरणों को पूरी तरह से पलट दिया है। वर्ष 2021 के बाद पहली बार भारतीय निर्यातकों ने 25,000 टन सोयामील निर्यात के सौदे रद्द कर दिए हैं। यही नहीं, ऊंची मांग को देखते हुए अफ्रीकी देशों से करीब 80,000 टन सोयाबीन आयात के सौदे किए गए हैं। विश्लेषकों का कहना है कि नई फसल आने तक आपूर्ति सीमित रहने के कारण इस साल कुल सोयाबीन आयात 8 लाख टन के सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर को छू सकता है। यह भी पढ़ें- Byju's: अर्श से फर्श पर कैसे आई 'रवींद्रन की बायजू' मूल्यांकन 22 अरब डॉलर से गिरकर शून्य हुआ, समझें सबकुछ पृथ्वी फिनमार्ट के कमोडिटी शोध प्रमुख मनोज कुमार जैन ने कहा, घरेलू मोर्चे पर सरकार, उद्योग और व्यापारियों के बीच उत्पादन के आंकड़ों को लेकर गहरा विरोधाभास बना हुआ है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तीसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक, फसल वर्ष 2025-26 में सोयाबीन उत्पादन 125.96 लाख टन रह सकता है। रही-सही कसर इस साल अल नीनो की आशंका ने पूरी कर दी है। कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से प्रमुख सोयाबीन और खाद्य तेल उत्पादक देशों ने अपने जैव ईंधन के मिश्रण की अनिवार्य सीमा को आक्रामक तरीके से बढ़ा दिया। इसका परिणाम यह हुआ कि खाद्य तेलों और सोयाबीन का बड़ा हिस्सा ईंधन बनाने में खप गया और बाजार में अचानक भारी आपूर्ति का संकट पैदा हो गया। रद्द किए गए सोयामील निर्यात के सौदे सोयामील सोयाबीन से तेल निकालने के बाद बचा हुआ उत्पाद होता है। इसका इस्तेमाल पशु आहार के तौर पर होता है। घरेलू बाजार में सोयाबीन की कीमतें अचानक बढ़ने से सोयामील की कीमत 66,000 रुपये प्रति टन तक पहुंच गईं। कीमतों में करीब 200 डॉलर प्रति टन की बढ़ोतरी के बाद निर्यात सौदे पूरे करना संभव नहीं रहा, इसलिए मई और जून की शिपमेंट वाले सौदे आपसी सहमति से रद्द कर दिए गए। देश में अनाज उत्पादन बढ़कर रिकॉर्ड 3765.63 लाख टन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, देश में वर्ष 2025-26 के दौरान कुल अनाज उत्पादन 3765.63 लाख टन रहने का अनुमान है। यह पिछले वर्ष के 3577.32 लाख टन से 5.3 फीसदी अधिक है। अनाज उत्पादन में यह अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। चावल का उत्पादन रिकॉर्ड 1540.24 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पहले से करीब 38.40 लाख टन अधिक है। यह भी पढ़ें- India-US BTA: 1-4 जून तक भारत दौरे पर आएगा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर होगी वार्ता गेहूं का उत्पादन 1206.57 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के 1179.45 लाख टन की तुलना में 27.12 लाख टन अधिक है। मक्का उत्पादन में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है। यह 550.93 लाख टन करोड़ टन अनुमानित है, जबकि पिछले वर्ष मक्के की पैदावार केवल 434.09 लाख टन थी। मोटे अनाजों का कुल उत्पादन 744.72 लाख टन रह सकता है। दलहन फसलों में अरहर (तुअर) का उत्पादन 35.92 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष के लगभग बराबर है। तिलहन की पैदावार 430.59 लाख टन रही।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 28, 2026, 02:17 IST
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