Sick leave: इस देश में अब बिना सबूत नहीं मिलेगी सिक लीव; सरकार ने क्यों बदला वर्कप्लेस से जुड़ा नियम?

जर्मनी में कर्मचारियों के लिए बीमारी की छुट्टी (सिक लीव) से जुड़े नियम जल्द सख्त हो सकते हैं। चांसलर फ्रेडरिकमर्ज की सरकार कार्यस्थल और अर्थव्यवस्था से जुड़े व्यापक सुधारों की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित नियमों के तहत कर्मचारियों को छुट्टी के पहले ही दिन डॉक्टर का मेडिकल सर्टिफिकेट देना पड़ सकता है। अभी कई मामलों में कर्मचारी केवल बीमारी की सूचना देकर छुट्टी ले लेते हैं, लेकिन सरकार इस व्यवस्था में बदलाव करना चाहती है। 34 सूत्रीय आर्थिक सुधार पैकेज में क्या-क्या शामिल है बीमारी की छुट्टी से जुड़े बदलाव सरकार के 34 सूत्रीय आर्थिक सुधार पैकेज का हिस्सा हैं। इस पैकेज में पेंशन सुधार, टैक्स व्यवस्था में बदलाव, श्रम कानूनों में संशोधन और सरकारी प्रक्रियाओं में लालफीताशाही कम करने जैसे कई प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन सुधारों से आर्थिक विकास को गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर बनेगी। क्या नौकरी के भी बदलेंगे नियम सरकार रोजगार से जुड़े नियमों में भी अधिक लचीलापन लाने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के मुताबिक, वर्ष 2030 तक कंपनियां नए कर्मचारियों को अधिकतम चार वर्ष तक फिक्स्ड-टर्म कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त कर सकेंगी। साथ ही, अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को मुआवज़ा देकर नौकरी से हटाने के मामलों में भी कंपनियों को पहले की तुलना में अधिक स्वतंत्रता देने का प्रस्ताव रखा गया है। फ्रेडरिक मर्ज ने इन सुधारों को लेकर क्या कहा चांसलर फ्रेडरिकमर्ज ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन आर्थिक सुधारों पर सहमत हो गया है और सरकार का लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक संसद से 34 सूत्रीय पैकेज के प्रमुख प्रावधानों को मंजूरी दिलाना है। उनके मुताबिक, सरकार कारोबारों में अधिक लचीलापन लाने, लालफीताशाही कम करने, सामाजिक कल्याण व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और टैक्स में राहत देकर कर्मचारियों तथा कंपनियों पर पड़ने वाला बोझ घटाने की दिशा में काम कर रही है। ये भी पढ़ें:क्या हैं ट्रंप अकाउंट्स:जिसमें 25 करोड़ डॉलर का निवेश करेगी माइक्रोन, अमेरिकी राष्ट्रपति ने जमकर तारीफ की टैक्स और पेंशन व्यवस्था में क्या बड़े बदलाव प्रस्तावित हैं सुधार पैकेज में 10 अरब यूरो की आयकर राहत देने का प्रस्ताव है। इसके लिए सालाना 2.5 लाख यूरो से अधिक आय वाले लोगों पर अधिक टैक्स लगाने की योजना है। साथ ही, पेंशन प्रणाली में बदलाव करते हुए सेवानिवृत्ति की उम्र मौजूदा 67 वर्ष से आगे बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। वित्त मंत्री और उप-चांसलर लार्स क्लिंगबील ने कहा कि सबसे अधिक आय वाले लोगों को टैक्स का बड़ा हिस्सा वहन करना चाहिए, ताकि देश के विकास के लिए जरूरी संसाधन जुटाए जा सकें।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 02, 2026, 16:41 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




Sick leave: इस देश में अब बिना सबूत नहीं मिलेगी सिक लीव; सरकार ने क्यों बदला वर्कप्लेस से जुड़ा नियम? #World #International #Germany #FriedrichMerz #MedicalCertificate #SickLeave #WorkplaceRules #EconomicReforms #TaxCuts #PensionReform #Fixed-termContracts #LaborReform #SubahSamachar