शिमला: आबकारी विभाग के 558 करोड़ डूबे, तीन साल में वसूली सिर्फ 62 करोड़, विधानसभा में रखा आंकड़ा
हिमाचल प्रदेश के आबकारी विभाग के सामने 558.50 करोड़ रुपये के बकाये की वसूली बड़ी चुनौती बनी हुई है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में विभाग 62.11 करोड़ रुपये ही वसूल कर पाया है। विधानसभा में विधायक संजय अवस्थी के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने यह आंकड़ा सदन के पटल पर रखा। सरकार ने दावा किया है कि बकायादारों से रकम वसूलने के लिए कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ प्रशासनिक स्तर पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। सरकार ने अब बकाया वसूलने के लिए केवल नोटिस जारी करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। हिमाचल प्रदेश भूमि राजस्व अधिनियम 1954 के तहत बकायादारों के खिलाफ डिमांड रिट जारी की जा रही हैं। संबंधित तहसीलदारों को कुर्की वारंट भी भेजे जा रहे हैं। बकाया नहीं चुकाने वालों की संपत्ति कुर्क करने और जरूरत पड़ने पर उसकी नीलामी करने तक कार्रवाई की जा रही है। बकायादारों पर शिकंजा कसने के लिए राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने दूसरे सरकारी विभागों से भी सहयोग मांगा है। विभागों को कहा गया है कि राज्य कर एवं आबकारी विभाग की एनओसी के बिना संबंधित बकायादारों को कोई काम आवंटित न किया जाए। ऐसे बकायादारों का कोई भुगतान भी जारी नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की कार्रवाई का एक उदाहरण कांगड़ा जोन के शाहपुर में सामने आया, जहां एक बकायादार लाइसेंसी की जमीन की नीलामी की गई। इससे सरकार को 2.51 लाख रुपये की वसूली हुई। इसके अलावा दो अन्य मामलों में डिफाल्टरों से कुल 27 लाख रुपये वसूल किए गए हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Sep 03, 2026, 18:43 IST
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