Agra News: उटंगन का लाल पानी देख लाल हुईं जल सहेलियां
बाह फतेहाबाद। जालौन के पचनद (यमुना, चंबल, सिंध, क्वारी और पहुज नदियों का संगम स्थल) से 29 जनवरी को अविरल निर्मल यमुना यात्रा पर निकली बुंदेलखंड की एक हजार जल सहेलियां 500 किमी की पदयात्रा कर 26 फरवरी को दिल्ली के वासुदेव घाट पर पहुंचेंगी। शुक्रवार को बटेश्वर में यमुना नदी की सफाई के बाद शनिवार को हेरीटेज विलेज होलीपुरा के प्राथमिक स्कूल पहुंचीं में जल सहेलियों ने नन्हीं जल सहेलियां बनाईं। उन्हें स्वच्छता के लिए प्रेरित किया।होलीपुरा गांव में प्रदीप शर्मा और संजय चतुर्वेदी ने यमुना की स्वच्छता के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। गोपालपुरा के स्कूल, कॉलेजों में नदी चौपालें, संवाद, सफाई के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। इसके बाद यमुना यात्रा अरनौटा पहुंची। यमुना की सहायक नदी उटंगन की आरती उतारी। नदी का लाल पानी देख जल सहेलियां अंजू लोधी, चांदनी, शिवानी, गायत्री आदि लाल नजर आईं। उटंगन नदी की दुर्दशा पर उन्होंने गहरी चिंता जताई। परमार्थ समाजसेवी संस्थान के निदेशक डॉ. संजय सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड में जल सहेलियों ने सूखे तालाब, कुएं और नदी को पुनर्जीवित करने में अहम भूमिका निभाई हैं। यमुना नदी के प्रदूषण, पारिस्थितिकी संकट और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से संस्थान के बैनर तले निकली जल सहेलियाें ने यमुना के संरक्षण, स्वच्छता, पुनर्जीवन में भागीदारी किए जाने की शपथ दिलाई। अपने जलस्रोतों को सहेजने के लिए प्रेरित किया। शनिवार को जलयात्रा फतेहाबाद के पड़ाव पर पहुंचीं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 08, 2026, 02:54 IST
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