Raksha Bandhan: अबकी बार दिल्ली में 25 हजार करोड़ का राखी कारोबार, कैट को 45 प्रतिशत बढ़ोतरी की आस
रक्षाबंधन नजदीक आते ही राजधानी के बाजारों में राखियों की खरीदारी तेज हो गई है। इस बार देशभर में राखी कारोबार नई ऊंचाई पर पहुंचने का अनुमान है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने करीब 25 हजार करोड़ रुपये के राखी कारोबार का अनुमान जताया है। पिछले वर्ष यह कारोबार करीब 17 हजार करोड़ रुपये था। ऐसे में इस बार करीब 45 प्रतिशत बढ़ोतरी की संभावना है। दिल्ली के बाजारों में पारंपरिक राखियों के साथ डिजाइनर और थीम आधारित राखियां भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत, राष्ट्र रक्षा समेत विभिन्न थीम वाली राखियां उपलब्ध हैं। वहीं जूट, खादी, बांस और बीज से बनी राखियों की भी मांग है। कीमत के हिसाब से बदल रही पसंद दुकानदारों के अनुसार बाजार में हर बजट की राखियां उपलब्ध हैं। सामान्य राखियां कम कीमत में मिल रही हैं, जबकि डिजाइनर और विशेष थीम वाली राखियों की कीमत अधिक है। ग्राहक भाई की पसंद और अपने बजट के अनुसार राखियां खरीद रहे हैं। दुकानदारों ने त्योहार को देखते हुए अलग-अलग रेंज का स्टॉक किया है। ऑफलाइन बाजार का दबदबा कायम ऑनलाइन खरीदारी के विकल्प बढ़ने के बावजूद लोग बाजार पहुंचकर राखियां खरीदना पसंद कर रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि राखी केवल सामान नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते और भावनाओं से जुड़ी है। इसलिए वे रंग, डिजाइन और गुणवत्ता देखकर राखी चुनना चाहते हैं। कारीगरों और कारोबारियों को फायदा स्वदेशी राखियों की बढ़ती मांग से स्थानीय कारीगरों और छोटे कारोबारियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। विभिन्न राज्यों की खादी, जूट, बांस, बीज और हस्तशिल्प वाली राखियां बाजार में उतारी गई हैं। राखी कारोबार का अनुमान पिछले वर्ष : 17 हजार करोड़ रुपये इस वर्ष अनुमान : 25 हजार करोड़ रुपये अनुमानित बढ़ोतरी : करीब 45 प्रतिशत इस वर्ष रक्षाबंधन पर करीब 25 हजार करोड़ रुपये के राखी कारोबार का अनुमान है। उपहार, मिठाई, वस्त्र और अन्य त्योहारी उत्पादों को जोड़ने पर कुल कारोबार 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक पहुंचने की संभावना है। -प्रवीन खंडेलवाल, कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 19, 2026, 02:22 IST
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