Rahul Gandhi on NEET Paper: संसद में गतिरोध पर राहुल ने रख दी शर्त, भाजपा ने किया तगड़ा पलटवार!

संसद के चालू मानसून सत्र के पांचवें दिन भी लोकसभा में गतिरोध जारी रहा और विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। लगातार शोर-शराबे और नारेबाजी के बीच पहले कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई और बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। उस समय सदन की अध्यक्षता डिप्टी स्पीकर पैनल के सदस्य जगदंबिका पाल कर रहे थे। कार्यवाही के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सदन चलने देने की अपील करते हुए कहा कि संसद चर्चा का मंच है और महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस होनी चाहिए। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए उनसे कांग्रेस सांसदों को समझाने और सदन की कार्यवाही में सहयोग करने का आग्रह किया ताकि चर्चा शुरू हो सके। किरेन रिजिजू द्वारा नाम लिए जाने के बाद राहुल गांधी अपनी सीट पर खड़े भी हुए, लेकिन उन्हें बोलने का अवसर नहीं मिला। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसदीय परंपरा के अनुसार यदि किसी सदस्य का नाम सदन में लिया जाता है, तो उसे अपनी बात रखने और जवाब देने का अवसर दिया जाता है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जब वह अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए तो उन्हें अनुमति नहीं दी गई और उनका माइक भी बंद कर दिया गया। राहुल गांधी ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष का रुख पूरी तरह साफ है और जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तब तक इस मुद्दे पर किसी भी तरह की चर्चा नहीं होगी। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष छात्रों के मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है और सरकार को जवाब देना ही होगा। वहीं, भाजपा की ओर से पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार संसद में हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस और राहुल गांधी चर्चा की बजाय राजनीतिक नाटक करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को NEET परीक्षा या छात्रों की वास्तविक समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है, बल्कि वे केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। गौरव वल्लभ ने तंज कसते हुए कहा कि जिस व्यक्ति ने अपने जीवन में कभी किसी प्रतियोगी परीक्षा का फॉर्म तक नहीं भरा, वह आज परीक्षा व्यवस्था पर राजनीति कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में रचनात्मक बहस करने के बजाय सड़क पर प्रदर्शन और नारेबाजी की राजनीति करना चाहते हैं। भाजपा ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया, जबकि विपक्ष का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। इसी टकराव के कारण मानसून सत्र के पांचवें दिन भी लोकसभा में कोई ठोस विधायी कामकाज नहीं हो सका और सदन पूरे दिन के लिए स्थगित करना पड़ा।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 25, 2026, 04:10 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




Rahul Gandhi on NEET Paper: संसद में गतिरोध पर राहुल ने रख दी शर्त, भाजपा ने किया तगड़ा पलटवार! #IndiaNews #National #BreakingNews #ParliamentMonsoonSession #MonsoonSession #ParliamentSession #RahulGandhiProtest #RahulGandhi #CongressProtest #StudentProtest #StudentMovement #PaperLeakProtest #SubahSamachar