UP: कस्टम अधिकारी की नौकरी छोड़ राधेय से बनीं कृष्णा माता, अन्न का किया त्याग, संगम की रेती पर कर रहीं कल्पवास
यूपीएससी की कड़ी परीक्षा पास करके कस्टम अधिकारी बनींराधेय ने 17 साल नौकरी करने के बाद त्याग पत्र दे दिया और संन्यास ग्रहण कर लिया। इस समय वह प्रयागराज में कल्पवास कर रही हैं।सांसारिक मोह माया का त्याग कर संन्यास ग्रहण करने के पीछे वह अपनी स्वतंत्रता बताती हैं।अपने पूर्व जीवन के बारे में बात करने से वह काफी कतराती हैं। कहती हैं कि जैसे इस संसार में किसी को नहीं पता कि वह पिछले जन्म में क्या था और कौन था। उसी तरह मैं भी पिछले जन्म (गृहस्थ जीवन)को भूलना चाहती हैं। मुझे नहीं पता कि पहले मैं क्या थी और किस पद प्रतिष्ठा पर आसीन थी। वह सब कुछ भूलकर सिर्फ भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन रहना चाहती हैं। 13 वर्षोंसे उन्होंने अन्न का त्याग कर दिया है और एक टाइम सिर्फ फलहार ग्रहण करती हैं। कृष्णा माता का शिविर माघ मेला में अरैल क्षेत्र में यमुना के तट पर है। तमिलनाडु केतिरुचिरापल्ली की रहने वाली कृष्णा माता कानाम राधेय था। अयंगर ब्राह्मण परिवार से ताल्लुकात रखने वाली कृष्णा माता 1994 में तीसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास किया। इसके बाद कस्टम विभाग मेंक्लास वन के विभिन्न पदों पर रहीं। 17 साल सेवा देने के बाद उन्होंने 2015 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले लिया। जब उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दिया उस समय वह चेन्नई में तैनात थीं। इसके पहले वह कई जिलों में ग्रेड वन अफसर के तौर पर सेवाएं दे चुकी थीं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jan 18, 2026, 17:53 IST
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