बदमाशों की खैर नहीं: एआई से शातिरों को पकड़ेगी पंजाब पुलिस, कैसे काम करेगा वॉयस रिकॉग्निशन?
अपराधियों की धरपकड़ के लिए अब उनकी आवाजों के सैंपल बड़े मददगार बनेंगे। पंजाब पुलिस ने अभी तक 84 अपराधियों की आवाजों का वॉयस बैंक तैयार किया है। इसके अलावा 3.90 लाख से अधिक अपराधियों का विस्तृत डेटाबेस भी जुटाया है। पंजाब पुलिस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (पीएआईएस) के तहत एक आधुनिक वॉयस रिकग्निशन सिस्टम से लैस हो गई है। यह प्रणाली विदेशों से संचालित हो रहे गैंग नेटवर्क में घुसपैठ करने और पंजाब के युवाओं को अवैध गतिविधियों की ओर भटकाने वाले तत्वों तक पहुंच बनाने में सहायक साबित होगी। इस सिस्टम में 84,000 से अधिक अपराधियों और संदिग्धों की आवाजों का एक वॉयस बैंक तैयार किया गया है। अपराधियों के डेटाबेस में उनकी गैंग संबंधी जानकारियां और फोनेटिक सर्च जैसी विशेषताएं शामिल हैं। इसका उन्नत 'गैंग ट्री सर्च' टूल संगठित अपराधी नेटवर्क की पूरी संरचना को दृश्य रूप में प्रदर्शित करता है, जिससे स्थानीय अपराधों से लेकर उनके अंतरराष्ट्रीय मास्टरमाइंड का पता लगाया जा सकता है। पंजाब से संबंधित 60 खतरनाक गैंगस्टर कनाडा, अमेरिका, इटली सहित अन्य देशों से सक्रिय हैं। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के एडीजीपी प्रमोद बान ने बताया, कई वर्षों से विदेशों में बैठे गैंगस्टर तकनीक का दुरुपयोग करते हुए सुरक्षित ठिकानों से रंगदारी का धंधा चला रहे थे।
- Source: www.amarujala.com
- Published: May 02, 2026, 21:04 IST
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