Bihar News: एक साल तक कमरे में कैद रही 9 साल की बच्ची, बड़ी बहन के भागते ही खुला खौफनाक राज

सुपौल जिला मुख्यालय के कृष्णापुरी वार्ड-04 से सदर थाना पुलिस ने मंगलवार को एक 9 वर्षीय बच्ची को सुरक्षित रेस्क्यू किया। बताया जा रहा है कि बच्ची पिछले करीब एक साल से एक कमरे में कैद थी। इस कार्रवाई के बाद सुपौल के पिपरा थाना पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। बरामद बच्ची मूल रूप से पिपरा थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह अपनी मां और बड़ी बहन के साथ करीब एक साल पहले लापता हो गई थी। बच्ची के पिता ने बताया कि पिछले साल 13 जुलाई की रात करीब नौ बजे तीनों का अपहरण कर लिया गया था। उन्होंने पिपरा थाना में लिखित आवेदन भी दिया था, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उस समय मामला तक दर्ज नहीं किया। बड़ी बहन के भागने के बाद सामने आया मामला जानकारी के अनुसार अपहरण के बाद मां और दोनों बेटियों को कृष्णापुरी स्थित एक मकान में कैद कर रखा गया था। इसी बीच बड़ी बहन किसी तरह वहां से भाग निकली और उसने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद बच्ची के पिता अपने परिचितों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे और सदर थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे में कैद बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। मौके से एक महिला को हिरासत में लिया गया, जबकि बच्ची की मां का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। बच्ची के शरीर पर मिले चोट के निशान रेस्क्यू के दौरान बच्ची के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले। उसकी आंख के नीचे और पीठ पर चोट के निशान दिखाई दिए, जिससे उसके साथ मारपीट किए जाने की आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि बड़ी बहन को भी उसी घर में रखा गया था। वह किसी तरह वहां से भाग निकली और एक दुकानदार के मोबाइल से अपने परिजनों को फोन कर पूरी जानकारी दी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची। यह भी पढ़ें:पटना में कल से और बड़ा अभियान; नए डीएम ने कब्जे पर जीरो टॉलरेंस के लिए नौ टीमें बनाईं घर में ताला लगा था, महिला के आने पर खुला दरवाजा जब सदर थाना प्रभारी रामसेवक रावत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे तो घर में ताला लगा हुआ था। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि यह मकान चांदपीपर निवासी दिनेश यादव का है। घर में एक महिला और एक पुरुष किराए पर रहते हैं, लेकिन वे कहां के रहने वाले हैं इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। करीब दो घंटे बाद महिला घर पहुंची। इसके बाद पुलिस ने घर का दरवाजा खुलवाया और बच्ची को बाहर निकाला। महिला ने दी अलग कहानी, बच्ची ने लगाए गंभीर आरोप पूछताछ के दौरान महिला ने दावा किया कि बच्ची की मां करीब छह महीने पहले दोनों बच्चियों को उसके पास छोड़कर चली गई थी। हालांकि महिला के आने से पहले बच्ची ने खिड़की से पुलिस को बताया कि उसे करीब एक साल से कमरे में बंद रखा गया था। बच्ची ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी मां को चार-पांच दिन तक उसी घर में रखा गया और बाद में उसे कहीं बेच दिया गया। पुलिस महिला और बच्ची के बयानों की जांच कर रही है। फूफा को फोन कर बड़ी बहन ने मांगी मदद बच्ची के फूफा ने बताया कि बड़ी बहन ने किसी दुकानदार के मोबाइल से उन्हें फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद वे मौके पर पहुंचे और उसे अपने साथ ले गए। उन्होंने बताया कि बाद में उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसमें बताया गया कि दोनों लड़कियां उसी घर में किराए पर रह रही हैं। महिला हिरासत में, जांच जारी पुलिस ने उस महिला को हिरासत में ले लिया है, जिसके कमरे से बच्ची बरामद हुई। सदर थाना प्रभारी रामसेवक रावत ने बताया कि महिला से पूछताछ की जा रही है। दोनों बच्चियों का बयान भी दर्ज किया जा रहा है। जांच और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद मोहल्ले के लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। लोग महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति शांत कराई और महिला को सुरक्षित थाना ले गई।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 30, 2026, 21:41 IST
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