Delhi News: पुलिस हिरासत में बेटे की मौत पर सरकार को 18.44 लाख मुआवजा देने का आदेश

नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत में 19 वर्षीय युवक दीपक की अस्वाभाविक मौत के मामले में दिल्ली सरकार को उसके पिता को 18.44 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की एकलपीठ ने कहा कि हिरासत में कोई भी अस्वाभाविक मौत (आत्महत्या सहित) निजी कृत्य नहीं है, बल्कि राज्य की जिम्मेदारी से जुड़ा मामला है। अदालत ने राज्य को अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) के उल्लंघन के लिए मुआवजा देने के लिए बाध्य किया। न्यायमूर्ति दत्ता ने अपने आदेश में कहा कि हिरासत में अस्वाभाविक मौत, चाहे वह आत्महत्या ही क्यों न हो, राज्य की जिम्मेदारी से अलग नहीं है। यह उन लोगों की कर्तव्य की चूक को दर्शाता है जिन पर संरक्षण की जिम्मेदारी है। राज्य कानूनी योजनाओं का हवाला देकर या प्रत्यक्ष दोषारोपण की अनुपस्थिति का तर्क देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। कोर्ट ने आगे कहा कि हिरासत में मौत व्यक्तिगत त्रासदी मात्र नहीं, बल्कि व्यवस्था संबंधी चिंता का विषय है। यह कानून के शासन की नींव पर प्रहार करता है। जब कोई व्यक्ति अपनी स्वतंत्रता खोकर राज्य की हिरासत में आता है तो अधिकारियों पर देखभाल की उच्चतर जिम्मेदारी आती है। ब्यूरो

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 02, 2026, 18:55 IST
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