Bombay High Court: महिला की हत्या के दोषी को नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने कहा- अपराध में बेहद हिंसा-क्रूरता

बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक महिला की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए व्यक्ति को बड़ी राहत देने से इनकार कर दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने साफ कहा कि यह अपराध 'अत्यधिक हिंसक और क्रूर' था, इसलिए दोषी को समय से पहले रिहाई का लाभ नहीं दिया जा सकता। यह भी पढ़ें- 'अगर तनाव से मेरी मौत हुई तो': अस्पताल में पुलिस से वांगचुक की बहस का वीडियो वायरल; अधिकारियों ने क्या कहा महाराष्ट्र सरकार के फैसले को ठहरायासही हाईकोर्ट की जस्टिस सारंग कोटवाल और जस्टिस आशीष चव्हाण की पीठ ने 20 जुलाई के अपने आदेश में महाराष्ट्र सरकार के फैसले को सही ठहराया। राज्य सरकार ने दोषी अजय किसान डुंगरशी को उस श्रेणी में रखा था, जिसमें सजा के साथ छूट जोड़कर कुल 26 साल जेल में रहना जरूरी होता है। आरोपी ने क्या की थी अपील दोषी ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि उसे ऐसी श्रेणी में रखा जाए, जहां कुल सजा 22 साल मानी जाती है, ताकि उसे जल्दी रिहाई मिल सके। लेकिन अदालत ने उसकी दलील खारिज कर दी। अभियोजन के अनुसार, डुंगरशी ने महिला की हत्या इसलिए कर दी थी क्योंकि उसने शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता के शरीर पर कई गहरे चाकू के घाव थे, जो इस अपराध की क्रूरता को दिखाते हैं। यह भी पढ़ें- नीट प्रदर्शन: पत्रकारों पर हमले के बाद CM शुभेंदु का बड़ा एक्शन, छह FIR दर्ज, गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई हाईकोर्ट नेदखल देने से किया इनकार महाराष्ट्र सरकार ने उसे श्रेणी 2(सी) में रखा है, जिसमें ऐसे मामलों को शामिल किया जाता है जहां अपराध अत्यधिक हिंसा या क्रूरता के साथ किया गया हो। इस श्रेणी में दोषी को कम से कम 26 साल की सजा पूरी करनी होती है।हाईकोर्ट ने कहा कि मामले के तथ्यों को देखते हुए सरकार का फैसला पूरी तरह सही है और इसमें किसी तरह की दखल की जरूरत नहीं है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jul 25, 2026, 10:19 IST
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