नीति आयोग की रिपोर्ट: संपत्ति मौद्रीकरण से 10 साल में 40 लाख करोड़ बढ़ेगी GDP, निजी क्षेत्र की बढ़ेगी भागीदारी
राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन के दूसरे चरण (एनएमपी 2.0) के तहत केंद्र के सरकारी परिसंपत्तियों को पट्टे पर देकर कमाई करने की पहल से देश की जीडीपी में अगले पांच से 10 साल में करीब 40 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। नीति आयोग ने एक रिपोर्ट में कहा, परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण से न सिर्फ बुनियादी ढांचा निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मौजूदा सरकारी एसेट को पट्टे पर देने से होने वाली कमाई को फिर से नई इन्फ्रा परियोजनाओं में लगाया जा सकता है। इससे आर्थिक वृद्धि को समर्थन मिलेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, एनएमपी 2.0 के तहत परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण से आर्थिक दृष्टिकोण के लिहाज से कई लाभ होंगे। इससे बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी आने के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी। ज्यादा पूंजी निवेश होगा और सार्वजनिक संपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल से लंबी अवधि में अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। दरअसल, केंद्र ने पांच वर्षों में 12 क्षेत्रों की सरकारी परिसंपत्तियों को पट्टे पर देकर 16.72 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसे हासिल करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एनएमपी 2.0 लॉन्च किया। इसमें 5.8 लाख करोड़ का निजी क्षेत्र का निवेश भी शामिल है। पहले चरण में जुटाए 5.3 लाख करोड़ नीति आयोग ने राष्ट्रीय मौद्रीकरण पाइपलाइन के पहले चरण यानी एनएमपी 1.0 को 2021 में वित्त वर्ष 2022-25 की अवधि के लिए शुरू किया था। इसमें चालू सार्वजनिक बुनियाधी ढांचा परिसंपत्तियों को निजी क्षेत्र को पट्टे पर देकर 6 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया था। इस चरण में 5.3 लाख करोड़ जुटाए जा चुके हैं, जो लक्ष्य का करीब 89 फीसदी है। इन्फ्रा और आर्थिकी को ऐसे मिलेगी मजबूती रिपोर्ट के मुताबिक, एनएमपी 2.0 के तहत वित्त वर्ष 2025-26 से 2029-30 के दौरान परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण से केंद्र सरकार को करीब 4.6 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। अगर यह मान लिया जाए कि इस रकम का 70 फीसदी हिस्सा सरकारी परियोजनाओं पर खर्च होता है, तो सरकार बुनियादी ढांचा विकास में सीधे करीब 3.2 लाख करोड़ रुपये निवेश करेगी। बाकी 1.4 लाख करोड़ रुपये (सरकारी-निजी भागीदारी वाली परियोजनाओं में निवेश होने की उम्मीद) का इस्तेमाल निवेश के असर को बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। और भी पढ़ें:-करवट लेगा मौसम:26 से कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी और उत्तर-पश्चिम में चढ़ेगा पारा रिपोर्ट में कहा गया है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) को होने वाली कमाई से भी बुनियादी ढांचा निवेश को काफी हद तक समर्थन मिलेगा। पीएसयू से मिलने वाली 1.6 लाख करोड़ रुपये के इस्तेमाल से करीब 4.9 लाख करोड़ का निवेश सृजित किया जा सकता है। इससे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की खर्च से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया जा सकता है। इन अनुमानों के आधार पर केंद्र सरकार और पीएसयू से मिलने वाली 6.2 लाख करोड़ रुपये की कमाई से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 12.2 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश होगा। इस निवेश रकम पर 3.25 का पूंजीगत खर्च गुणक लगाने से आर्थिक गतिविधियों में काफी बढ़ोतरी होगी। नतीजतन, 5-10 वर्षों में घरेलू जीडीपी में 40 लाख करोड़ की बढ़ोतरी होगी।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 25, 2026, 04:41 IST
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