Nirjala Ekadashi: निर्जला एकादशी को क्यों कहते हैं भीमसेनी एकादशी? जानें कारण, मुहूर्त और पारण का समय

Nirjala Ekadashi 2026: सनातन परंपरा में प्रत्येक मास की शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। लेकिन जब यह एकादशी ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में आती है, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है और इसे निर्जला एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि यह व्रत बेहद कठिन होता है क्योंकि भीषण गर्मी में भक्त बिना जल ग्रहण किए भगवान श्रीहरि की कृपा प्राप्त करने के लिए उपवास रखते हैं। इसी कारण इसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है। आइए जानते हैं निर्जला एकादशी 2026 की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व और इससे जुड़ी पौराणिक कथा के बारे में विस्तार से। Surya Gochar 2026:सूर्य करेंगे बुध के घर प्रवेश, इन राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन और मिलेगा सम्मान Venus Strong Remedies:कुंडली में शुक्र को मजबूत करने के लिए करें ये आसान उपाय, बढ़ेगा आकर्षण और मिलेगा सुख-सौभाग्य

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 21, 2026, 23:09 IST
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