भूकंप जोन-6 का नया नक्शा रद्द: सरकार ने फिर लागू किया पुराना सिस्मिक मानक, जानें नए मानकों पर क्या सवाल उठे
भारत में भूकंप जोखिम को लेकर लागू किए गए नए सिस्मिक जोन-6 मानक को केंद्र सरकार ने वापस ले लिया है। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने नई अधिसूचना जारी कर बताया कि पहले लागू किया गया संशोधित भूकंपीय मानक अब रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही भवन निर्माण के लिए पहले वाला 2016 का मानक फिर से लागू कर दिया गया है। कुछ महीने पहले केंद्र सरकार ने नया भूकंपीय जोन मानचित्र लागू करने का एलान किया था। इस नए मानचित्र में पूरे हिमालयी क्षेत्र को सबसे अधिक भूकंप जोखिम वाले जोन-6 में रखा गया था। साथ ही देश के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से को मध्यम से उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया था। अब इस संशोधित मानक को वापस लेकर पुराना आईएस 1893:2016 मानक फिर से लागू कर दिया गया है। नया भूकंपीय जोन-6 मानक क्यों रद्द किया गया सूत्रों के अनुसार इस फैसले के पीछे निर्माण लागत को लेकर उठी चिंताएं मुख्य कारण रहीं। आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने कहा कि नए मानकों से भवन निर्माण की लागत काफी बढ़ सकती है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि नए नियम लागू करने से पहले डेवलपर्स और अन्य हितधारकों से पर्याप्त चर्चा नहीं की गई थी। ये भी पढ़ें-Tamil Nadu:'आठ करोड़ लोगों का शोषण कर रहे स्टालिन', रैली में प्लानीस्वामी बोले- पन्नीरसेल्वम ने धोखा दिया नए नियमों से निर्माण लागत कितनी बढ़ती मंत्रालय के अनुसार यदि नए सिस्मिक मानक लागू होते तो आवासीय भवनों की लागत में 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी हो सकती थी। वहीं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि की आशंका थी। सरकार को आशंका थी कि इससे निर्माण क्षेत्र और रियल एस्टेट पर बड़ा आर्थिक दबाव पड़ सकता है। किन क्षेत्रों और शहरों पर पड़ता असर नवंबर 2025 में जारी नए मानचित्र में भारत में एक नया भूकंपीय जोन-6 जोड़ा गया था। इसमें जम्मू-कश्मीर से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक पूरे हिमालयी क्षेत्र को सबसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में रखा गया था। इसके अलावा दो जोनों की सीमा पर स्थित कई शहरों को भी उच्च जोखिम वाले क्षेत्र में रखा गया था। इससे जयपुर, अहमदाबाद और अलवर जैसे शहर भी प्रभावित हो सकते थे। विशेषज्ञों ने नए मानकों पर क्या सवाल उठाए कुछ विशेषज्ञों ने यह सवाल उठाया कि जिन क्षेत्रों को जोन-6 में रखा गया था वहां इतने सख्त निर्माण मानकों को लागू करना कितना व्यावहारिक होगा। उनका कहना था कि देश के कई हिस्सों में मौजूदा नियमों का भी सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। ऐसे में अचानक और अधिक सख्त नियम लागू करना मुश्किल हो सकता है। अन्य वीडियो-
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 09, 2026, 04:57 IST
भूकंप जोन-6 का नया नक्शा रद्द: सरकार ने फिर लागू किया पुराना सिस्मिक मानक, जानें नए मानकों पर क्या सवाल उठे #IndiaNews #International #IndiaSeismicMap #BisStandards #EarthquakeRiskIndia #ConstructionSafety #SeismicZoneIndia #BuildingRegulations #InfrastructurePolicy #EarthquakePreparedness #GovernmentPolicy #UrbanDevelopment #SubahSamachar
