दमोह में पेट्रोल पंपों पर प्रशासन का बड़ा शिकंजा: 30 की जांच में खुली भारी गड़बड़ी, 4 सील; 33 को नोटिस जारी
दमोह जिले में पेट्रोल पंपों के संचालन में बरती जा रही लापरवाही और नियमों की अनदेखी पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हड़कंप मचा दिया है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर चलाए गए विशेष जांच अभियान में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जिले के 30 पेट्रोल पंपों की जांच में सामने आया कि कई पेट्रोल पंप बिना वैध विस्फोटक लाइसेंस के संचालित हो रहे थे। जांच के बाद चार पेट्रोल पंपों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया, जबकि जिले के 33 पेट्रोल पंप संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। दो पेट्रोल पंपों पर कम मात्रा में ईंधन दिए जाने की शिकायत सही पाई गई है, वहीं एक पेट्रोल पंप पर निर्धारित सीमा से 41 लीटर अधिक पेट्रोल मिलने पर उसे जब्त कर राजसात करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शिकायतों ने खोली पोल, कलेक्टर ने बनाई 10 जांच टीमें कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि पिछले कुछ समय से जिला प्रशासन को अलग-अलग माध्यमों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों में बिना वैध लाइसेंस पेट्रोलियम पदार्थों का भंडारण, सुरक्षा मानकों की अनदेखी, कम मात्रा में पेट्रोल-डीजल देने और नियमों के विपरीत संचालन की जानकारी सामने आ रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने 10 अलग-अलग जांच दल गठित किए। इन टीमों ने जिलेभर में अभियान चलाकर 30 पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दस्तावेजों के साथ स्टॉक, सुरक्षा व्यवस्था और लाइसेंस की भी बारीकी से पड़ताल की गई। पढे़ं:मध्य प्रदेश पुलिस में बड़ा फेरबदल, 265 निरीक्षक बने DSP; 12 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों के तबादले जांच में सामने आई सबसे बड़ी लापरवाही जांच रिपोर्ट में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि जिले के कुल 33 पेट्रोल पंपों के विस्फोटक लाइसेंस का समय पर नवीनीकरण ही नहीं कराया गया था। कुछ पेट्रोल पंपों के लाइसेंस वर्ष 2023 में ही समाप्त हो चुके थे, लेकिन इसके बावजूद वहां खुलेआम पेट्रोल और डीजल का भंडारण एवं बिक्री जारी थी। प्रशासन का मानना है कि बिना वैध लाइसेंस ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। चार पेट्रोल पंपों पर चला प्रशासन का ताला जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर चार पेट्रोल पंपों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए गए। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सील करने की कार्रवाई भी पूरी की। कार्रवाई की जद में आए प्रमुख पेट्रोल पंपों में नरसिंहगढ़ का श्री ठाकुर पेट्रोलियम, चिलौद का एमके राय किसान सेवा केंद्र, बनवार का श्री विनायक सेवा केंद्र सहित एक अन्य पेट्रोल पंप शामिल है। कम मात्रा में पेट्रोल देने वालों पर भी कार्रवाई जांच के दौरान दो पेट्रोल पंपों पर निर्धारित मात्रा से कम पेट्रोल-डीजल दिए जाने की शिकायत सही पाई गई। प्रशासन ने संबंधित ऑयल कंपनियों को लिखित शिकायत भेजते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा है। यदि जांच में शिकायत सही साबित होती है तो संबंधित पेट्रोल पंपों पर कंपनी स्तर से भी कार्रवाई की जाएगी। 41 लीटर अतिरिक्त पेट्रोल मिला, जब्ती की प्रक्रिया शुरू निरीक्षण के दौरान एक पेट्रोल पंप पर स्वीकृत सीमा से करीब 41 लीटर अधिक पेट्रोल का स्टॉक मिला। प्रशासन ने अतिरिक्त पेट्रोल को जब्त कर राजसात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित सीमा से अधिक पेट्रोलियम पदार्थ का भंडारण गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा करता है। ऑयल कंपनी की भूमिका भी सवालों मे कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि इस पूरे मामले में केवल पेट्रोल पंप संचालक ही जिम्मेदार नहीं हैं। संबंधित ऑयल कंपनियों की भी जवाबदेही तय होगी। उन्होंने बताया कि वैध लाइसेंस की जांच किए बिना पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति करना कंपनियों की गंभीर लापरवाही है। इसी कारण संबंधित ऑयल कंपनी के जबलपुर रीजनल हेड को भी नोटिस जारी किया गया है। प्रदेशभर में हो सकती है ऐसी कार्रवाई प्रशासन के अनुसार दमोह में सामने आई अनियमितताओं के बाद ऑयल कंपनियों के रीजनल स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। जबलपुर रीजनल कार्यालय ने मामले को गंभीर मानते हुए प्रदेशभर में पेट्रोल पंपों के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की समीक्षा कराने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। माना जा रहा है कि दमोह की कार्रवाई अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण बन सकती है। कलेक्टर बोले- आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट कहा कि पेट्रोल पंप अत्यंत संवेदनशील प्रतिष्ठान हैं। यहां सुरक्षा नियमों का पालन किसी भी कीमत पर सुनिश्चित किया जाएगा। बिना वैध लाइसेंस पेट्रोलियम पदार्थों का भंडारण और बिक्री कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार जांच अभियान चलाया जाएगा और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई से जिलेभर के पेट्रोल पंप संचालकों में हड़कंप जिला प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के पेट्रोल पंप संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। कई संचालकों ने अपने लाइसेंस, सुरक्षा दस्तावेज और स्टॉक रिकॉर्ड दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि भविष्य में भी नियमित निरीक्षण जारी रहेगा ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jul 14, 2026, 13:41 IST
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