अध्ययन: हिमाचल में ग्लेशियर झील टूटने के साथ बारिश ने तबाही मचाई तो ध्वस्त होंगे 680 से अधिक ढांचे
हिमालय में कोई ग्लेशियर झील टूटे और उसी दौरान आसमान से अत्यधिक बारिश हो जाए तो ब्यास व सतलुज जैसी नदियां बहुत खतरनाक रूप ले सकती हैं। दोनों नदी घाटियों में 680 से अधिक ढांचे ध्वस्त हो सकते हैं। इनमें जलविद्युत परियोजनाओं, धार्मिक स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के साथ नदी के आसपास मौजूद संरचनाएं शामिल हैं। ब्यास और सतलुज हिमाचल की जलविद्युत व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। दोनों नदी बेसिन में बड़ी संख्या में बिजली परियोजनाएं और उनसे जुड़ा बुनियादी ढांचा मौजूद है।अध्ययन में यह नया अनुमान सामने आया है। वैज्ञानिकों ने ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड (जीएलओएफ) और अत्यधिक बारिश से आने वाली बाढ़ को एक साथ जोड़कर मॉडल तैयार किया है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 12, 2026, 21:46 IST
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