काशी में मोरारी बापू: मानस मर्मज्ञ बोले- तुलसी ने एक रामचरितमानस की रचना की और रामचरितमानस ने कई तुलसी की

प्रख्यात मानस मर्मज्ञ संत मोरारी बापू ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीगुरु चरण सरोज रज का संदेश दिया। इसका जो पालन करेगा, उसे भगवत रत्न की प्राप्ति होगी। जीवन का अर्थ परमार्थ है। काम कामना नहीं, बल्कि जिसने रामनाम का जप किया, उन पर उनकी कृपा बरसी। जो राम का नाम ले और राम का काम न करे तो भगवान उसे स्वीकर नहीं करेंगे। मानसरत्न श्रीनाथ जी फाउंडेशन की ओर से ब्रह्मलीन मानसरत्न डॉ. श्रीनाथ मिश्र के जन्म शताब्दी महोत्सव के शुभारंभ पर बृहस्पतिवार अस्सी स्थित गोयनका संस्कृत विद्यालय परिसर में संत समागम में उन्होंने कहा कि धर्म का मौलिक रस कथा है। अर्थ द्रवीभूत होता है। अर्थ रूपी रस मुक्ति का रस है। मुक्ति का रस पुनर्जन्म है। इसलिए जन्म को राम रति माना गया है। परमात्मा का मिलना चारों फल देता है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 24, 2026, 23:50 IST
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