सरकार का अलर्ट: नौकरी देने के नाम पर हो रहा स्कैम, वीडियो इंटरव्यू के जरिए फेस स्कैन कर ऐसे खाली हो रहे अकाउंट

I4C NCTAU AI Biometric Scam: गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली इंडिया साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट (NCTAU) ने नए AI जॉब स्कैम को लेकर चेतावनी जारी की है। एजेंसी के अनुसार, साइबर अपराधी अब नकली भर्ती प्रक्रिया तैयार करके लोगों को निशाना बना रहे हैं। फर्जी ऑनलाइन इंटरव्यू और डिजिटल भर्ती के नाम पर नौकरी तलाशने वालों से संवेदनशील जानकारी हासिल की जा रही है। खासतौर पर वे लोग ज्यादा जोखिम में हैं, जो ऑनलाइन जॉब पोर्टल्स और डिजिटल हायरिंग प्लेटफॉर्म्स पर पूरी तरह निर्भर रहते हैं। AI जॉब स्कैम कैसे काम करता है साइबर ठग सबसे पहले लोगों को आकर्षक नौकरी के ऑफर भेजते हैं और फिर उन्हें वीडियो इंटरव्यू, फेस वेरिफिकेशन, आंखों की स्कैनिंग और डिजिटल केवाईसी जैसी प्रक्रियाओं में शामिल होने के लिए कहते हैं। अधिकारियों के अनुसार, इसी दौरान अपराधी उम्मीदवारों का फेशियल रिकग्निशन डेटा, बायोमेट्रिक जानकारी और पहचान से जुड़े दस्तावेज हासिल कर लेते हैं। बाद में इन संवेदनशील जानकारियों का इस्तेमाल डिजिटल फ्रॉड, पहचान चोरी और अनधिकृत एक्सेस जैसे अपराधों में किया जा सकता है। AI तकनीक ने बढ़ाया साइबर फ्रॉड का खतरा साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि एडवांस एआई टूल्स की वजह से यह नया जॉब स्कैम पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक हो गया है। ये तकनीकों की मदद से साइबर ठग अब लोगों के चेहरे की पहचान कॉपी कर सकते हैं, पहचान संबंधी डेटा निकाल सकते हैं और फर्जी डिजिटल प्रोफाइल तक तैयार कर सकते हैं। इतना ही नहीं, इस डेटा का इस्तेमाल वित्तीय धोखाधड़ी और आइडेंटिटी फ्रॉड में भी किया जा सकता है। यानी अब खतरा सिर्फ ओटीपी या बैंक डिटेल्स तक ही नहीं रहा, अब यह इंसान की पूरी डिजिटल पहचान पर आ चुका है। बायोमेट्रिक डेटा चोरी से क्या हो सकता है नुकसान बहुत से लोगों इन जानकारियों का जाना आम लगता है, लेकिन उन्हें नहीं पता होता कि इससे कई खतरनाक घटनाएं हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि चोरी किए गए फेस डेटा और बायोमेट्रिक जानकारी का इस्तेमाल कई गंभीर अपराधों में किया जा सकता है। साइबर अपराधी इन जानकारियों की मदद से फर्जी अकाउंट खोल सकते हैं, मोबाइल नंबर लिंक कर सकते हैं, पहचान बदल सकते हैं और बैंकिंग फ्रॉड को अंजाम दे सकते हैं। यहां तक कि सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी तक कर सकते हैं। साइबर एजेंसियों ने इसे डिजिटल पहचान चोरी का नया और खतरनाक चेहरा या जरिया बताया है। इन संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें अगर आप भी अपने लिए ऑनलाइन नौकरी तलाश रहे हैं और प्रक्रिया के दौरान इन बातों का खास ध्यान रखें। बायोमेट्रिक डेटा की मांग: अगर कोई कंपनी शुरुआती दौर में ही आपसे वीडियो पर चेहरा स्कैन करने, आंखों का टेस्ट या बेहद गोपनीय व्यक्तिगत दस्तावेज मांग रही है। तो यह भी स्कैम हो सकता है। जल्दबाजी का दबाव: प्रक्रिया को तुरंत और जल्दबाजी में पूरा करने के लिए आप पर दबाव बनाया जा रहा हो। अजीब ईमेल आईडी: ईमेल किसी आधिकारिक कंपनी डोमेन (जैसे- hr@companyname.com) के बजाय किसी जीमेल, याहू या असत्यापित निजी आईडी से आया हो। कंपनी नाम न क्लियर होना: कंपनी की कोई ठोस डिजिटल उपस्थिति या रजिस्टर्ड ऑफिस का विवरण न मिलना। ये बातें फ्रॉड की ओर इशारा करती हैं। इसलिए बिना वेरिफाई किए कोई कदम न उठाएं। नौकरी का ऑफर मिलने पर क्या सावधानी बरतें एक्सपर्ट्स कहते हैं कि किसी भी नौकरी ऑफर को स्वीकार करने से पहले कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट जरूर जांचें। ईमेल डोमेन वेरिफाई करें, LinkedIn और कंपनी की डिजिटल उपस्थिति चेक करें और किसी भी वीडियो स्कैनिंग या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से पहले पूरी पुष्टि करें। इसके अलावा अनजान लिंक, एप्स और संदिग्ध प्लेटफॉर्म्स से बचना बेहद जरूरी है। अगर स्कैम का शिकार हो जाएं तो तुरंत करें ये काम अगर आपको लगता है कि आपकी निजी जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच गई है, तो बिना देर किए ये करें। नेशनल साइबरक्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। इसके साथ ही आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें । अपने बैंक व मोबाइल सेवा को तुरंत अलर्ट करें, ताकि किसी बड़े नुकसान को रोका जा सके।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 30, 2026, 07:39 IST
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