मेटावर्स: मेटा के नए वीआर ग्लासेज में आईमैक्स जैसा फिल्म अनुभव, हेडसेट से स्मार्ट ग्लास तक बदलता मेटावर्स

मेटाने कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क में अपने कनेक्ट इवेंट में स्मार्ट ग्लासेज और नए वर्चुअल रियलिटी डिवाइस पेश किए हैं। इस इवेंट में मेटा ने बिना कैमरे वाले रे-बन मेटा ऑडियो एआई ग्लासेस लॉन्च किए। इनमें कैमरा नहीं है, बल्कि माइक्रोफोन और स्पीकर दिए गए हैं। यानी इन्हें पहनकर म्यूजिक सुनने, कॉल करने और मेटा एआई से बातचीत करने जैसे काम आसानी से किए जा सकते हैं। इसके अलावा रे-बन मेटा जेन 3 भी पेश किए गए हैं। इनमें कैमरा मौजूद है और कंपनी ने बेहतर बैटरी लाइफ के साथ Dolby Atmos ऑडियो सपोर्ट दिया है। यानी ये ग्लासेज फोटो और वीडियो बनाने के साथ ज्यादा इमर्सिव ऑडियो का अनुभव देने पर केंद्रित हैं। इन सब के अलावा मेटा ने करीब 100 ग्राम वजन वाले नए वीआर ग्लासेज की झलक दिखाई है। खास बात ये है कि इसका डिजाइन पारंपरिक भारी वीआर हेडसेट की तुलना में चश्मे जैसा है। प्रोसेसर और बैटरी को एक अलग छोटे डिवाइस में रखा गया है। इसमें 5K डिस्प्ले है और इसे कंप्यूटर या Mac से जोड़कर एक साथ कई वर्चुअल स्क्रीन पर काम किया जा सकता है। इस चश्मे में आपआईमैक्स स्टाइल में 3D सिनेमा देख सकते हैं। मेटा के मुताबिकयह नया सिस्टम उसके क्वेस्टहेडसेट से करीब पांच गुना हल्का है। इसमें micro-OLED स्क्रीन दी गई है, जो 5K रिजॉल्यूशन वालीइंफानाइट डिस्प्लेदेती है। इसे क्वालकॉम के स्नैपड्रैगन रियालिटी इलीटप्रोसेसर से पावर मिलती है। इसके साथ मिलने वाला छोटा पक-डिवाइसलगातार करीब 3 घंटे तक हाई-रिजॉल्यूशन वीडियो या अन्य मीडिया चला सकता है। इसमें 45W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी दिया गया है। दिलचस्प बात ये है कि इन डिवाइस की असली कहानी सिर्फ हार्डवेयर तक सीमित नहीं है। ये नए डिवाइस मेटावर्स की दिशा में मेटा की बदलती रणनीति का संकेत देते हुए दिखाई दे रहे हैं।पहले के वीआर हेडसेट्स वजन में भारी होते थे,जिन्हें 1-2 घंटे से ज्यादा पहनने पर सिर या गर्दन में दर्द होने लगता था।मेटा ने इन वीआर ग्लासेजके जरिए इस समस्या को खत्म करने की कोशिश कर रहाहै। मेटा के 100 ग्राम वजनी वीआर ग्लासेज की कीमत करीब 1.24 लाख रुपये है। मेटावर्स को शुरुआत मेंमुख्य रूप से वीआर हेडसेट से जोड़कर देखा जाता था। हालांकि, अब मेटा के ये स्मार्ट ग्लासेज मेटावर्स की दुनिया में एक बड़ा बदलाव लेकर आ रहे हैं। वीआर हैडसेट की तुलना में इन स्मार्ट ग्लैसेज का इस्तेमाल करना ज्यादा आसान और सुविधाजनक है।यही वजह है कि मेटा के नए ग्लासेज केवल स्मार्ट डिवाइस नहीं बल्कि एआई, अगमेंटेड रियालिटी और भविष्य के मेटावर्स के बीच एक संभावित कदम के रूप में देखे जा रहे हैं। मेटावर्स क्या है मेटावर्स को आसान भाषा में इंटरनेट की एक ऐसी अगली दुनिया समझ सकते हैं, जहां लोग सिर्फ स्क्रीन पर चीजों को देखने तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि वे एक डिजिटल दुनिया के अंदर मौजूद होने जैसा अनुभव कर सकेंगे। यहां आपका एक डिजिटल अवतार होगा, जिससे आप दूसरे लोगों से मिल सकते हैं, बातचीत कर सकते हैं, गेम खेल सकते हैं या काम कर सकते हैं। इसके लिए वीआरहेडसेट, स्मार्ट ग्लासेज और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें एआई, वर्चुअल रियलिटी, ऑगमेंटेड रियलिटी और 3D तकनीक मिलकर काम करती हैं। यानी मेटावर्स का मकसद इंटरनेट को सिर्फ देखने से आगे ले जाकर उसे अनुभव करने जैसा बनाना है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पेर ओला क्रिस्टेंसन के मुताबिकमेटावर्स को ऐसी दुनिया के रूप में समझा जा सकता है, जहां वर्चुअल, ऑगमेंटेड और असली दुनिया आपस में जुड़ जाती हैं। इसका मकसद डिजिटल दुनिया में भी लोगों को वैसा ही अनुभव देना है, जैसा वे वास्तविक दुनिया में करते हैं। यानी तकनीक की मदद से हमारी असली दुनिया के अनुभव को डिजिटल दुनिया तक बढ़ाना है। मेटावर्स में पढ़ाई से लेकर नौकरी तक कई काम वर्चुअल तरीके से किए जा सकते हैं। कोई व्यक्ति घर बैठे किसी वर्चुअल क्लास में शामिल हो सकता है, किसी मेडिकल स्टोर के डिजिटल वर्जन पर सलाह ले सकता है या दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद लोगों के साथ एक ही वर्चुअल जगह पर काम कर सकता है। यहां आप गेम खेल सकते हैं, दोस्तों के साथ मिल सकते हैं, एक्सरसाइज कर सकते हैं, फिल्में देख सकते हैं और अपने डिजिटल अवतार का रूप भी बदल सकते हैं।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 24, 2026, 16:21 IST
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