Leadership: निर्णय लेना भी चुनौती बन जाए, तब समझदारी और संतुलन के साथ लें फैसला; यही है एक सच्चे लीडर की पहचान

Leadership: कुशल लीडर किसी भी बात को बिना सोचे-समझे स्वीकार नहीं करते, चाहे वह उनके वरिष्ठ की राय हो या किसी नियम में लिखा हो। वे पहले यह परखते हैं कि लिया गया निर्णय सही सिद्धांतों और मूल्यों के अनुरूप है या नहीं। यदि उन्हें लगता है कि कोई फैसला ठीक नहीं है या उससे बेहतर विकल्प हो सकता है, तो वे शांत और तर्कपूर्ण तरीके से अपनी बात सामने रखते हैं। इसका मतलब जिद करना या किसी बात को अनदेखा करना नहीं है। इसका अर्थ है कि यदि कोई निर्देश सही न लगे, तो उसे तुरंत मान लेने के बजाय उस पर सोच-विचार करके उचित समय पर सम्मानपूर्वक अपनी राय व्यक्त की जाए। यही समझदारी का संकेत होता है। ईमानदार प्रतिक्रिया दें कभी-कभी ऐसी परिस्थितियां आती हैं जब आपको सही और गलत के बीच निर्णय लेना पड़ता है। ऐसे समय में अपने मूल्यों के साथ दृढ़ता से खड़े रहने का साहस जरूरी होता है। इसके लिए पहले से यह सोचने की आदत डालें कि किन हालात में आपके सिद्धांतों की परीक्षा हो सकती है। फिर मन ही मन कल्पना करें कि उस स्थिति में आप ईमानदारी और समझदारी से कैसे प्रतिक्रिया देंगे। इस तरह का नियमित मानसिक अभ्यास आपका आत्मविश्वास बढ़ाता है और जरूरत पड़ने पर आपको बिना झिझक सही निर्णय लेने के लिए तैयार करता है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 06, 2026, 10:09 IST
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