आस्था और विरासत का संगम: दमोह के बांदकपुर के जागेश्वरनाथ धाम में महाशिवरात्रि की धूम, निकलेगी भोले की बरात

दमोह शहर से लगभग 17 किलोमीटर दूर स्थित बांदकपुर का प्राचीन जागेश्वरनाथ धाम महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था के विराट उत्सव का साक्षी बनने जा रहा है। बुंदेलखंड अंचल के प्रमुख शिवधामों में शामिल यह मंदिर अपनी धार्मिक महत्ता के साथ-साथ पुरातात्विक और सांस्कृतिक विरासत के लिए भी प्रसिद्ध है। महाशिवरात्रि पर यहां लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। पुरातात्विक विरासत की अनूठी पहचान मंदिर की स्थापत्य शैली प्राचीन नागर परंपरा से प्रभावित मानी जाती है। परिसर में स्थापित विशाल शिवलिंग, पत्थरों पर उकेरी गई बारीक नक्काशी और गर्भगृह की विशिष्ट संरचना इसकी ऐतिहासिकता और प्राचीनता को दर्शाती है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहां विराजित शिवलिंग स्वयंभू स्वरूप का है। पीढ़ियों से चली आ रही धार्मिक परंपराओं ने इसे क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र बना दिया है। भोले की बारात बनेगी मुख्य आकर्षण महाशिवरात्रि पर तड़के से ही जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक का क्रम आरंभ होगा। देर रात तक भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन किया जाएगा। विशेष रूप से निकलने वाली भोले की बारात में हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। सागर, कटनी, जबलपुर सहित आसपास के जिलों से कांवड़िए मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर पहुंचेंगे और शिवलिंग पर अर्पित करेंगे। पढ़ें:धार के जामदा-भूतिया में पांडवकालीन सिदेश्वर महादेव, शिवरात्रि से शुरू होता है भगोरिया मेले में झलकेगी लोक संस्कृति मंदिर परिसर में लगने वाले मेले में पूजन सामग्री, धार्मिक पुस्तकें, ग्रामीण उत्पाद और हस्तशिल्प की दुकानें सजेंगी। झूले, सांस्कृतिक मंच और भजन संध्या श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। यह आयोजन सामाजिक समरसता और लोक परंपराओं को भी सशक्त मंच प्रदान करता है। प्रशासनिक तैयारियां पूरी संभावित भीड़ को देखते हुए कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने मंदिर प्रबंधक पं. रामकृपाल पाठक के साथ मंदिर परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यातायात, पार्किंग, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा और साफ-सफाई के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल, स्वयंसेवकों और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जाएगी। आपातकालीन सहायता के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा। गर्भगृह में प्रवेश रहेगा सीमित श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंधन समिति ने गर्भगृह में प्रवेश सीमित रखने का निर्णय लिया है। श्रद्धालु बाहर से ही दर्शन कर सकेंगे, ताकि सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखी जा सके। स्थानीय अर्थव्यवस्था को संजीवनी महाशिवरात्रि का पर्व स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों के लिए आर्थिक अवसर लेकर आता है। होटल, ढाबे, परिवहन सेवाएं और छोटे कारोबारियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। आस्था, इतिहास और संस्कृति के संगम स्थल जागेश्वरनाथ धाम में इस वर्ष भी महाशिवरात्रि श्रद्धा, भव्यता और अनुशासन के साथ मनाई जाएगी। तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 14, 2026, 18:05 IST
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