महावीर चक्र विजेता को आखिरी सलाम: 'लद्दाख के शेर' कर्नल वांगचुक पंचतत्व में विलीन, सैन्य सम्मान के साथ विदाई
वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में असाधारण वीरता दिखाकर महावीर चक्र जीतने वाले लद्दाख के ''लद्दाख के शेर'' वांगचुक वीरवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। लेह में सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। दोपहर 2:00 बजे सोनम वांगचुक स्टेडियम लेह में अंतिम संस्कार हुआ। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, लद्दाख में सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला, प्रशासन, सेना और सुरक्षाबलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कर्नल वांगचुक को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कर्नल वांगचुक का 10 अप्रैल को हृदयघात से निधन हो गया था। बौद्ध परंपराओं के अनुसार उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए लेह में उनके आवास पर रखा गया था। वीरवार को घर से श्मशान स्थल तक सैन्य सम्मान के साथ शवयात्रा निकाली गई। इस शोक की घड़ी में उनकी पत्नी पद्मा आंगमो ने अत्यंत साहस का परिचय दिया। बेटे ने परिवार की ओर से तिरंगा ग्रहण किया और चिता को मुखाग्नि देकर रस्म पूरी की।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Apr 17, 2026, 10:09 IST
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