Lucknow News: ज्यादा मोबाइल देखने से बच्चों को हो रही भेंगेपन की समस्या
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. सिद्धार्थ अग्रवाल के अनुसार मोबाइल फोन ज्यादा देखने की वजह से बच्चों में भेंगापन (आंखों का टेढ़ापन) की समस्या हो रही है। डॉ. अग्रवाल शनिवार को विभाग में आयोजित सीएमई में बोल रहे थे।डॉ. सिद्धार्थ अग्रवाल ने बताया कि कोरोना महामारी के बाद बच्चों में भेंगेपन की समस्या बढ़ती नजर आ रही है। इस समय हर ओपीडी में दो बच्चे इस समस्या के साथ आते हैं। समस्या ज्यादा बढ़ने पर सर्जरी ही इसका एकमात्र उपाय है। इसकी वजह बच्चों में स्क्रीन टाइम का बढ़ना है। खेलकूद और बाहरी गतिविधियों की जगह अब मोबाइल, टैबलेट और कंप्यूटर ने ले ली है। केजीएमयू के नेत्र विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अपजित कौर ने बताया कि लगातार स्क्रीन को देखने से आंखों की मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है। इससे आंखों की फोकस करने की क्षमता प्रभावित होती है और धीरे-धीरे आंखें टेढ़ी होने लगती हैं, जिसे भेंगापन कहा जाता है। यह स्थिति बच्चों के आत्मविश्वास और सामाजिक मेलजोल पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने बताया कि तीन साल से कम उम्र के बच्चों के मोबाइल फोन इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगाने की सिफारिश की गई है।जागरुकत हों माता-पितानेत्र विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. विनीता सिंह ने इस समस्या के समाधान के लिए माता-पिता को जागरूक रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्क्रीन टाइम सीमित करना चाहिए और उन्हें बाहरी गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। डॉ. लतिका टंडन ने बताया कि यदि भेंगापन के लक्षण जल्दी पहचान लिए जाएं, तो उचित उपचार से इसे ठीक किया जा सकता है। इसमें चश्मे का प्रयोग, आंखों के व्यायाम और कुछ मामलों में सर्जरी भी शामिल हो सकती है।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Feb 14, 2026, 15:37 IST
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