Mandi News: कमलेश ने बॉक्सिंग के ताने से हासिल किया राष्ट्रीय मंच
मंडी। रामपुर बुशहर के रंदल गांव में शिक्षक, खिलाड़ी और एनसीसी अधिकारी जय चंद गौतम के घर जन्मी कैप्टन कमलेश सेन आज नारी सशक्तीकरण की मिसाल हैं। बचपन से पढ़ाई और खेलकूद में अव्वल रहीं कमलेश ने छठी कक्षा में ही खो-खो और बैडमिंटन में राज्य स्तर पर प्रतिभा दिखाई। रामपुर से स्नातक के दौरान उन्होंने वॉलीबाल, कबड्डी और एथलेटिक्स में कप्तानी की। जब एक खिलाड़ी ने कहा कि बॉक्सिंग लड़कियों के बस की बात नहीं, तो उन्होंने इसे चुनौती माना। कोच सुरेंद्र शांडिल के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेकर उन्होंने इंटर कॉलेज मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीता और छह राज्यों सहित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हुनर दिखाया। कमलेश ने मद्रास और हिसार के इंडिया कैंप में महान मुक्केबाज मैरी कॉम के साथ प्रशिक्षण लिया। दोनों का चयन बंगलूरू में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ था लेकिन नाक में फ्रैक्चर के कारण कमलेश इसमें भाग नहीं ले सकीं। इसके बाद उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र को चुना और वर्ष 2005 में पीजी कॉलेज ऊना बटोली तथा 2009 में एमएलएसएम कॉलेज सुंदरनगर में शारीरिक शिक्षा की सहायक आचार्य बनीं। वर्ष 2012 में उन्होंने एनसीसी की कमान संभाली और 2015 में पीआरसीएन कोर्स पूरा कर लेफ्टिनेंट बनीं। 2016-17 में दिल्ली गणतंत्र दिवस परेड कैंप में कैडेट्स का नेतृत्व करने वाली कमलेश को वर्ष 2022 में 2 एचपी बटालियन एनसीसी मंडी ने बेस्ट एएनओ के खिताब से नवाजा। हाल ही में रिफ्रेशर कोर्स पूरा कर उन्हें कैप्टन की उपाधि मिली है। कमलेश अपने पिता और पति डॉ. अनिल सेन जो पूर्व हॉकी इंडिया कैंप प्रतिभागी रहे हैं और वर्तमान में शारीरिक शिक्षा के आचार्य हैं, उनको अपना आदर्श मानती हैं। वर्तमान में मंडी शहर की बहू कमलेश सेन का कहना है कि महिलाएं दुर्गा, काली और लक्ष्मी का रूप हैं, वे अगर ठान लें तो हर लक्ष्य हासिल कर सकती हैं।
- Source: www.amarujala.com
- Published: Sep 19, 2026, 00:30 IST
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