Rajasthan: जयपुर में इबोला का खतरा टला, युगांडा की महिला की रिपोर्ट निगेटिव; स्वास्थ्य विभाग को बड़ी राहत

राजस्थान की राजधानी जयपुर में इबोला जैसे लक्षण मिलने के बाद अस्पताल में भर्ती कराई गई युगांडा की एक महिला की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। महिला को एहतियात के तौर पर आइसोलेशन में रखा गया था और उसके सैंपल जांच के लिए पुणे की विशेष प्रयोगशाला भेजे गए थे। रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। इबोला जैसे लक्षण मिलने पर अस्पताल में कराया गया था भर्ती राजस्थान लोक स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, युगांडा से पर्यटक के रूप में राजस्थान पहुंची महिला में इबोला जैसे लक्षण दिखाई दिए थे। इसके बाद उसे जयपुर के आरयूएचएस अस्पताल में भर्ती कराया गया और सावधानी के तौर पर आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। महिला के स्वास्थ्य की निगरानी के साथ उसके सैंपल जांच के लिए पुणे स्थित विशेष प्रयोगशाला भेजे गए थे। पुणे लैब की रिपोर्ट में इबोला संक्रमण नहीं मिला स्वास्थ्य विभाग को पुणे से प्राप्त जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि महिला इबोला वायरस से संक्रमित नहीं है। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद अधिकारियों ने राहत जताई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। ये भी पढ़ें:राजस्थान में डॉग बाइट का बढ़ता खतरा:5 साल में 18.42 लाख लोग बने शिकार, हर साल 4 लाख से ज्यादा मामले हैदराबाद एयरपोर्ट पर भी संदिग्ध मरीज मिला इस बीच गुरुवार को हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी एक संदिग्ध मामला सामने आया। सूडान से आए एक यात्री को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग के दौरान बुखार पाया गया। इसके बाद एयरपोर्ट स्वास्थ्य अधिकारियों ने उसे अलग कर सिकंदराबाद स्थित गांधी अस्पताल भेज दिया। गांधी अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार मरीज के सैंपल लेकर जांच के लिए सेंटर फॉर सेलुलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) भेजे गए हैं। केंद्र सरकार ने जारी की यात्रा सलाह इबोला के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने नागरिकों को कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है। सरकार ने कहा है कि इन देशों में इबोला संक्रमण के मामलों को देखते हुए सतर्कता बरतना जरूरी है। डब्ल्यूएचओ ने घोषित की वैश्विक स्वास्थ्य आपात स्थिति कांगो और युगांडा में इबोला बीमारी के प्रकोप को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (IHR) 2005 के तहत 17 मई 2026 को इस स्थिति को "पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न" (PHEIC) घोषित किया था। अफ्रीका सीडीसी ने भी जताई चिंता अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) ने भी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और युगांडा में फैल रहे बुंडिबुग्यो स्ट्रेन इबोला वायरस रोग के मौजूदा प्रकोप को "पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ कॉन्टिनेंटल सिक्योरिटी" (PHECS) घोषित किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर सतर्कता और निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 07, 2026, 09:07 IST
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